भोपाल से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां केंद्रीय जेल में पदस्थ महिला प्रहरी पर जानलेवा हमला किया गया। ड्यूटी से लौटते वक्त सिर पर रॉड से वार कर उन्हें बेहोश कर दिया गया और हादसा दिखाने के इरादे से बीच सड़क पर फेंक दिया गया। पुलिस ने गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
ड्यूटी से लौटते वक्त हमला, हालत गंभीर
भोपाल केंद्रीय जेल में तैनात महिला प्रहरी कमला शर्मा पर शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात करीब दो बजे हमला हुआ। वे अपनी ड्यूटी पूरी कर घर लौट रही थीं, तभी जेल के बाहर मुख्य मार्ग पर पीछे से उन पर लोहे की रॉड से वार किया गया। सिर में गंभीर चोट लगने से वे मौके पर ही बेहोश हो गईं। घायल अवस्था में उन्हें हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
हादसा दिखाने की साजिश, सड़क पर फेंका
पीड़िता के अनुसार हमला करने के बाद आरोपी ने उन्हें घसीटकर सड़क के बीचोंबीच लिटा दिया, ताकि मामला सड़क दुर्घटना जैसा लगे और किसी वाहन की चपेट में आकर मौत हो जाए। हालांकि, वहां से गुजर रहे एक वाहन चालक ने महिला को बेसुध हालत में देखा और तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जिससे उनकी जान बच सकी।
सहकर्मी के बेटे पर आरोप
महिला प्रहरी ने हमले का आरोप अपने सहकर्मी शरीफ खान के बेटे अमन खान पर लगाया है। बताया गया कि अमन ने पूरी योजना के तहत इस वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद से आरोपी फरार है और पुलिस उसकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। गांधी नगर थाना पुलिस ने पीड़िता के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है।
ऑनलाइन गबन बना हमले की वजह
कमला शर्मा के बेटे का वर्ष 2023 में निधन हो चुका है। इसके बाद उनका पोता अपने पिता का मोबाइल फोन इस्तेमाल करता था, जिसमें यूपीआई भी एक्टिव था। आरोप है कि अमन खान पिछले दो साल से पोते को बहला-फुसलाकर ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवा रहा था। इस तरह करीब ढाई लाख रुपए से अधिक की रकम हड़पी गई। हाल ही में 80 हजार रुपए एक साथ निकाले जाने पर मामले का खुलासा हुआ।
शिकायत के बाद रची गई साजिश
पीड़िता ने जब इस ऑनलाइन गबन की शिकायत साइबर क्राइम ब्रांच में की, तो आरोपी को एफआईआर का डर सताने लगा। इसी के बाद बदले की नीयत से महिला प्रहरी पर हमला किया गया। जेल प्रशासन की अनुशंसा पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।