केंद्र सरकार ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ और राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ के गायन और वादन को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों को निर्देश भेजते हुए उन सरकारी और औपचारिक आयोजनों की सूची तय की है, जहां इनका गायन या वादन अनिवार्य रूप से किया जाएगा। साथ ही सही शब्दों और उच्चारण का पालन करने पर भी विशेष जोर दिया गया है।
इन सरकारी कार्यक्रमों में बजेगा ‘वंदे मातरम’
नई गाइडलाइन के अनुसार, नागरिक सम्मान समारोह, राष्ट्रपति के औपचारिक राजकीय कार्यक्रम और सरकार की ओर से आयोजित प्रमुख आयोजनों में राष्ट्रपति के आगमन और प्रस्थान के समय ‘वंदे मातरम’ का गायन या वादन किया जाएगा। इसके अलावा राष्ट्रपति के राष्ट्र के नाम रेडियो और टेलीविजन संदेश के प्रसारण से पहले और बाद में भी राष्ट्रगीत बजाया जाएगा। राज्यपाल और उप-राज्यपाल के औपचारिक कार्यक्रमों तथा परेड के दौरान राष्ट्रीय ध्वज लाए जाने के समय भी इसका वादन किया जाएगा।
पहले राष्ट्रगीत, फिर राष्ट्रगान का होगा क्रम
गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जिन राज्यों में राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान और राज्य गीत तीनों प्रस्तुत किए जाते हैं, वहां सबसे पहले ‘वंदे मातरम’, उसके बाद ‘जन-गण-मन’ और फिर आवश्यकता अनुसार राज्य गीत प्रस्तुत किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य सभी सरकारी आयोजनों में एक समान प्रोटोकॉल सुनिश्चित करना है।
सही शब्द और उच्चारण पर रहेगा विशेष जोर
गाइडलाइन में कहा गया है कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के गायन या वादन के दौरान उनके मूल शब्दों और सही उच्चारण का पूरी तरह पालन किया जाए। इसके लिए गृह मंत्रालय ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अधिकृत शब्दावली और उच्चारण संबंधी मार्गदर्शिका भी उपलब्ध कराई है, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि न हो।
150वीं वर्षगांठ के बीच जारी हुई गाइडलाइन
यह नई व्यवस्था ऐसे समय लागू की गई है जब देश ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ मना रहा है। केंद्र सरकार का मानना है कि स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों राष्ट्रीय सम्मान के प्रतीक हैं। इसी उद्देश्य से इनके गायन और वादन को लेकर एकरूपता लाने तथा सभी सरकारी कार्यक्रमों में स्पष्ट व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए यह नई गाइडलाइन जारी की गई है।