Centre Takes Strict Decision: अरावली पर्वतमाला को बचाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने राजस्थान, हरियाणा और गुजरात सरकारों को निर्देश जारी कर अरावली क्षेत्र में नई माइनिंग लीज देने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। मंत्रालय ने साफ कहा है कि जब तक नई और स्पष्ट गाइडलाइन तैयार नहीं हो जाती, तब तक किसी भी प्रकार की नई खनन अनुमति नहीं दी जाएगी। सरकार का मानना है कि अरावली पर्वतमाला जैव विविधता, जल स्रोतों और पर्यावरण संतुलन के लिए बेहद अहम है और लगातार हो रहे खनन से इसका अस्तित्व खतरे में पड़ता जा रहा है।
खनन पर रोक, संरक्षण पर जोर
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह रोक पूरे अरावली क्षेत्र में समान रूप से लागू होगी। अरावली को गुजरात से लेकर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र तक फैले एक महत्वपूर्ण भूवैज्ञानिक रिज के रूप में संरक्षित करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई है। सरकार ने कहा है कि अवैध और अनियंत्रित खनन गतिविधियों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। पहले से चल रही खदानों के लिए भी राज्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और पर्यावरण से जुड़े सभी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें, ताकि प्राकृतिक संतुलन को और नुकसान न पहुंचे।
यह भी देखेंःStrong Earthquake: ताइवान में तेज भूकंप से दहशत, ताइपे की ऊंची इमारतें हिलीं
नई नीति की तैयारी, वैज्ञानिक योजना पर काम
मंत्रालय ने इंडियन काउंसिल ऑफ फॉरेस्ट्री रिसर्च एंड एजुकेशन (ICFRE) को निर्देश दिया है कि वह अरावली के संवेदनशील और संरक्षण योग्य क्षेत्रों की पहचान करे। इसके साथ ही एक व्यापक, विज्ञान आधारित प्रबंधन योजना तैयार की जा रही है, जिसमें पर्यावरणीय प्रभाव और क्षेत्र की वहन क्षमता का आकलन किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि अरावली में माइनिंग से जुड़े प्रतिबंधित और संरक्षित क्षेत्रों का दायरा बढ़ाया जाए और पर्यावरण संरक्षण के साथ सतत विकास सुनिश्चित किया जा सके।