Centre Tightens: केंद्र सरकार ने देश में अवैध रूप से रह रहे घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि बांग्लादेश को 2,680 से अधिक लोगों की सूची नागरिकता सत्यापन के लिए भेजी गई है। सरकार का कहना है कि सत्यापन पूरा होने के बाद इन लोगों को वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके साथ ही भारत ने सीमा पार आतंकवाद को लेकर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ा संदेश दिया है।
बांग्लादेश को भेजे गए सत्यापन मामले
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि भारत में मौजूद अवैध नागरिकों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिन लोगों की नागरिकता संदिग्ध है, उनके मामलों को सत्यापन के लिए बांग्लादेश सरकार के पास भेजा गया है। कई मामलों में यह प्रक्रिया पिछले पांच वर्षों से लंबित है और भारत को उम्मीद है कि जल्द जवाब मिलेगा, ताकि निर्वासन की कार्रवाई आगे बढ़ सके।
घुसपैठ के मुद्दे पर बढ़ी सख्ती
केंद्र सरकार के सख्त रुख के बाद सीमा से जुड़े राज्यों में भी कार्रवाई तेज होती दिखाई दे रही है। पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी लगातार अवैध घुसपैठ के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी इस मुद्दे पर सख्त बयान दे चुके हैं। सरकार का कहना है कि जो लोग स्वेच्छा से वापस लौटेंगे, उनके मामलों में नरमी बरती जा सकती है, लेकिन कानून तोड़ने वालों पर कार्रवाई तय है।
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आतंकवाद पर भारत का कड़ा संदेश
विदेश मंत्रालय ने सीमा पार आतंकवाद को पूरी दुनिया के लिए बड़ा खतरा बताया है। रणधीर जायसवाल ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक स्तर पर एकजुट होकर कार्रवाई करने की जरूरत है। उन्होंने साफ कहा कि जो देश आतंकवादी गतिविधियों को समर्थन देते हैं या अपने क्षेत्र से आतंकवाद फैलने देते हैं, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ऐसे देशों के खिलाफ कठोर कदम उठाने की अपील की है।
अजीत डोभाल ने भी दोहराया भारत का रुख
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने मॉस्को में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सम्मेलन में आतंकवाद के खिलाफ दोहरे मापदंड अपनाने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आतंकवाद वैश्विक सुरक्षा के लिए सबसे गंभीर चुनौतियों में से एक है और इसके खिलाफ निर्णायक कार्रवाई जरूरी है। डोभाल ने आतंकवादी संगठनों को समर्थन और वित्तीय मदद देने वाले देशों पर भी कड़ा रुख अपनाने की बात कही।