देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ एक अहम कदम उठाया है। गृह मंत्रालय ने गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून (UAPA) के तहत 23 लोगों को आतंकवादी घोषित करते हुए उनके नाम कानून की चौथी अनुसूची में शामिल किए हैं। सरकार का मानना है कि सूची में शामिल लोग आतंकी गतिविधियों, नेटवर्क संचालन, भर्ती और हमलों की साजिश से जुड़े रहे हैं।
आतंकवाद के खिलाफ बड़ा प्रशासनिक कदम
गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, 23 लोगों को UAPA कानून के तहत आतंकवादी घोषित किया गया है। इन नामों को कानून की चौथी अनुसूची में क्रम संख्या 58 से 80 तक जोड़ा गया है। सरकार का कहना है कि इन लोगों की गतिविधियां देश की सुरक्षा और शांति के लिए खतरा मानी गई हैं। इस कार्रवाई को आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति का हिस्सा माना जा रहा है।
कई नाम आतंकी संगठनों से जुड़े बताए गए
सूची में शामिल कई व्यक्तियों के संबंध जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों से बताए गए हैं। जानकारी के अनुसार, इनमें से अधिकांश लोग पाकिस्तान या पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्रों में मौजूद हैं। जांच एजेंसियों के इनपुट के आधार पर इनके नेटवर्क और गतिविधियों पर लंबे समय से निगरानी रखी जा रही थी।
हमलों से जुड़े नाम भी सूची में शामिल
सूची में ऐसे नाम भी शामिल बताए गए हैं जिनका संबंध भारतीय सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर हुए हमलों से जोड़ा गया है। इनमें नगरोटा स्थित सेना शिविर पर हुए हमले और जम्मू के सुंजवां क्षेत्र में सुरक्षा बलों पर हुए हमले से संबंधित नाम भी शामिल हैं। सरकार का मानना है कि ये लोग आतंकी गतिविधियों की योजना और संचालन में भूमिका निभाते रहे हैं।
सोशल मीडिया और भर्ती नेटवर्क पर भी नजर
सूची में शामिल एक नाम को लेकर यह जानकारी सामने आई है कि उस पर डिजिटल माध्यमों के जरिए युवाओं को प्रभावित करने, भर्ती करने और कथित तौर पर प्रशिक्षण से जोड़ने के आरोप हैं। इसके अलावा आतंकी गतिविधियों के लिए संसाधन और आर्थिक सहयोग जुटाने जैसी गतिविधियों का भी उल्लेख किया गया है।
कार्रवाई के बाद जांच एजेंसियों को मिलेगी मजबूती
विशेषज्ञ मानते हैं कि किसी व्यक्ति का नाम UAPA की चौथी अनुसूची में शामिल होने के बाद जांच और कानूनी प्रक्रिया को और मजबूती मिलती है। इससे एजेंसियों को कार्रवाई के लिए स्पष्ट कानूनी आधार मिलता है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी इस कदम को आतंकवाद के खिलाफ व्यापक रणनीति के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।