एक समय ऐशो-आराम और आध्यात्मिक प्रवचन की चकाचौंध में डूबे स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती अब तिहाड़ जेल की कठोर जिंदगी जी रहे हैं। छात्राओं से यौन उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग के आरोपों में गिरफ्तार चैतन्यानंद की पहली रात बेहद बेचैनी में गुज़री। न उन्होंने जेल का खाना खाया, न चैन की नींद सो पाए। 17 छात्राओं ने उनके खिलाफ बयान दिए हैं। पुलिस ने चैतन्यानंद के साथ उनकी तीन महिला सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया है।
आध्यात्मिकता की आड़ में शोषण का साम्राज्य
दिल्ली के वसंतकुंज स्थित एक इंस्टीट्यूट में चैतन्यानंद सरस्वती ने “आध्यात्मिक शिक्षा” के नाम पर संस्थान चलाया, जहां छात्राओं को नौकरी और ग्रेड्स का लालच देकर उनका यौन शोषण किया जाता था। कई छात्राओं ने डर के कारण पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी, लेकिन कुछ ने हिम्मत दिखाते हुए बाबा के खिलाफ मामला दर्ज कराया।
जांच में सामने आया कि बाबा छात्राओं को “दुबई में इंटर्नशिप और प्लेसमेंट” का झांसा देता था। उनके संपर्क विदेशों तक फैले थे और संस्थान की तीन महिला अधिकारी इस पूरे रैकेट का हिस्सा थीं।
पहली रात में टूटी लग्जरी आदतें
सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार शाम जब चैतन्यानंद को तिहाड़ जेल नंबर-4 में लाया गया, तो उन्हें जेल मैन्युअल के अनुसार सामान्य भोजन दिया गया। लेकिन उन्होंने खाना नहीं खाया और रातभर करवटें बदलते रहे। जेल प्रशासन के मुताबिक, उन्हें वही खाना मिलेगा जो अन्य कैदियों को मिलता है। ऐशो-आराम के आदी चैतन्यानंद के लिए यह परिवर्तन बेहद कठिन साबित हुआ।
तीन महिला सहयोगी भी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में संस्थान की तीन महिलाओं — श्वेता शर्मा (एसोसिएट डीन), भावना कपिल (एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर) और काजल (सीनियर फैकल्टी) — को भी गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, इन महिलाओं ने बाबा के कहने पर छात्राओं को ब्लैकमेल किया, शिकायतकर्ताओं को धमकाया और सबूत मिटाने की कोशिश की। उनके खिलाफ अपराध में सहयोग और साक्ष्य नष्ट करने के आरोप दर्ज हैं।
वॉट्सऐप चैट और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों ने खोली पोल
जांच एजेंसियों को लगभग 50 छात्राओं के फोन से वॉट्सऐप चैट और मैसेज मिले हैं, जिनमें 16 सालों से चल रहे यौन उत्पीड़न और अश्लील वार्तालाप के सबूत हैं। कई संदेशों में जबरन शारीरिक संबंध बनाने और धमकाने के प्रमाण मिले हैं।
अब पुलिस इन डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर चैतन्यानंद और उसकी सहयोगियों के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर रही है।
फरारी और गिरफ्तारी की कहानी
गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद बाबा कई दिनों तक फरार रहा। वह मथुरा, वृंदावन और आगरा के होटलों में छिपा रहा। पुलिस की लगातार छापेमारी के बाद आखिरकार उसे गिरफ्तार किया गया। अब बाबा तिहाड़ की सलाखों के पीछे है, जहां उसकी “आध्यात्मिक दुनिया” की झूठी परतें एक-एक कर उधड़ रही हैं।