UP MLC Election Results: उत्तर प्रदेश विधान परिषद की आगामी छह दिसम्बर को रिक्त हो रही शिक्षक व स्नातक खण्ड निर्वाचन क्षेत्र के हुए चुनाव की मतगणना पूरी हो गयी। सभी 11 सीटों के नतीजे आ गये। इनमें से छह सीटें भाजपा ने और पांच सपा ने जीती हैं। सपा को इस बार दो सीटों का फायदा हुआ है। पहले 11 सीटों में से 6 भाजपा, 3 सपा, 1 शिक्षक दल और 1 निर्दलीय के पास थी।
काशी में 50 घंटे तक चला हंगामा
काशी में भाजपा को शिक्षक और स्नातक, दोनों सीटों पर फिर हार का सामना करना पड़ा है। यहां स्नातक सीट पर 50 घंटे से अधिक समय तक मतगणना चली। मतगणना केंद्र पर बुधवार देर शाम शुरू हुआ हंगामा रातभर जारी रहा। भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह धरने पर बैठ गए। उन्होंने काशी के ऑब्जर्वर प्रांजल यादव पर धांधली कराने का आरोप लगाया और उन्हें हटाने की मांग की। इसके बाद 500 से ज्यादा सपा कार्यकर्ता मतगणना केंद्र पहुंच गए। अखिलेश यादव भी रातभर फोन पर हर राउंड की जानकारी लेते रहे। आखिरकार, गुरुवार सुबह भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह ने अपनी हार स्वीकार कर ली। यहां सपा के आशुतोष सिन्हा को 50529 वोट मिले जबकि भाजपा के केदारनाथ सिंह को 33530 वोट मिले हैं।
नतीजों का पूरा ब्यौरा
लखनऊ शिक्षक क्षेत्र- उमेश द्विवेदी (भारतीय जनता पार्टी) , वाराणसी शिक्षक क्षेत्र- लाल बिहारी यादव (समाजवादी पार्टी) ,. आगरा शिक्षक क्षेत्र- डॉक्टर आकाश अग्रवाल (समाजवादी पार्टी), . मेरठ-सहारनपुर शिक्षक क्षेत्र- श्रीचंद शर्मा (भारतीय जनता पार्टी) और . बरेली- मुरादाबाद शिक्षक क्षेत्र- डाo हरि सिंह ढिल्लो (भारतीय जनता पार्टी) जीते हैं। लखनऊ स्नातक सीट पर सपा की कांति सिंह 17 हजार से अधिक वोटों से जीतीं।गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर भाजपा के डाक्टर ध्रुव त्रिपाठी कडे मुकाबले में 307 वोटों के अंतर से जीत गये हैं। उन्होंने निर्दलीय राजीव यादव को हराया।
पश्चिम में बीजेपी का दबदबा
मेरठ-सहारनपुर स्नातक क्षेत्र- दिनेश कुमार गोयल (भारतीय जनता पार्टी), इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र पर सपा के डाक्टर मान सिंह को विजयी घोषित किया गया है। काशी में भाजपा को झटका लगा है। यहां शिक्षक एमएलसी सीट पर भाजपा को हार का सामना करना पडा जबकि स्नातक सीट पर सपा के प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा भाजपा के केदारनाथ सिंह से 7 हजार वोटों के अंतर से आगे चल रहे थे। गुरुवार सुबह भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह ने अपनी हार स्वीकार कर ली। यहां सपा के आशुतोष सिन्हा को 50529 वोट मिले जबकि भाजपा के केदारनाथ सिंह को 33530 वोट मिले हैं।
हरी सिंह पहले राउंड से ही बढ़त
बरेली में शिक्षक एमएलसी चुनाव में भाजपा प्रत्याशी डॉ. हरी सिंह ढिल्लो लगातार दूसरी बार जीत दर्ज करने के साथ ही अपना मत प्रतिशत बढ़ाने में भी कामयाब हो गए। इस बार सपा प्रत्याशी को 2020 के चुनाव में मिले वोटों से कम वोट मिले, दूसरी ओर हरी सिंह की जीत का अंतर पिछले चुनाव के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा हो गया। पांच चरणों की मतगणना में हरी सिंह पहले राउंड से ही बढ़त बनाने में कामयाब रहे। 2020 में वह 7,960 वोट के अंतर से चुनाव जीते थे। इस बार जीत का अंतर 17676 हो गया। इस चुनाव में बरेली-मुरादाबाद मंडल के नौ जिलों में कुल 36703 में से 26803 मतदाताओं ने वोट दिया। इसमें 1290 वोट निरस्त हुए। कुल 25513 वोट गिनती में शामिल हुए। हरी सिंह ढिल्लो के पक्ष में कुल 12827 वोट पड़े।
इलाहाबाद-झांसी स्नातक चुनाव में भाजपा क्यों हारी?
इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक एमएलसी चुनाव में भाजपा प्रत्याशी अशोक कुमार राठौर की हार ने पार्टी के स्थानीय संगठन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रत्याशी के समर्थन में सीएम ने प्रयागराज में जनसभा की थी। डिप्टी सीएम ने भी महानगर, गंगापार और यमुनापार में मतदाता सम्मेलन किए थे। कुल 2.64 लाख वोटरों वाली इस सीट के लिए होने वाले चुनाव में प्रयागराज की भूमिका सबसे अहम थी। करीब 1.15 लाख मतदाताओं वाले जिले में लगभग 30 हजार लोगों ने ही मतदान किया।
आगरा में भाजपा क्यों हारी?
आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन में समाजवादी पार्टी के डॉ. आकाश अग्रवाल ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी हरिकिशोर तिवारी को 4,263 मतों से हराया। आकाश अग्रवाल को 14,046 वोट मिले, जबकि हरिकिशोर तिवारी को 9,783 मत प्राप्त हुए।