Chamoli tunnel accident : उत्तराखंड के चमोली जिले में एक निर्माणाधीन हाइड्रोपावर टनल में अचानक पानी और मलबा घुसने से बड़ा हादसा हो गया। हादसा पिपलकोटी के मायापुर इलाके में THDC की परियोजना में हुआ, जहां उस समय करीब 22 मजदूर काम कर रहे थे। शुरुआती जानकारी में 6 लोगों की मौत बताई गई थी, लेकिन बाद की रिपोर्टों में मृतकों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है। 14 मजदूरों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बचाव एजेंसियों ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
अचानक टनल में घुसा पानी और मलबा
जानकारी के मुताबिक गुरुवार शाम करीब 6:30 से 7 बजे के बीच टनल के भीतर अचानक बड़ी मात्रा में पानी और मलबा पहुंच गया। देखते ही देखते रास्ता बाधित हो गया और अंदर मौजूद मजदूर फंस गए। अधिकारियों के अनुसार घटना के वक्त निर्माण कार्य चल रहा था। पहाड़ी क्षेत्र में लगातार बारिश और जमीन की संवेदनशील परिस्थितियों के बीच पानी के अचानक प्रवाह ने बचाव अभियान को भी चुनौतीपूर्ण बना दिया। हादसे की वजहों को लेकर विस्तृत जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
#WATCH उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, चमोली के पिपलकोटी में बन रही सुरंग के अंदर फंसे मज़दूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए चल रहे बचाव अभियान का मौके पर जाकर जायज़ा ले रहे हैं। कल रात मायापुर में बन रही THDC सुरंग में पानी और मलबा घुस गया था।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 14, 2026
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22 मजदूरों में कई को सुरक्षित निकाला गया
हादसे के बाद SDRF, NDRF और अन्य राहत एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं। बचाव दल ने टनल से मजदूरों को बाहर निकालना शुरू किया और घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। रिपोर्टों के अनुसार 22 मजदूरों में से बड़ी संख्या को बाहर निकाल लिया गया, लेकिन कई मजदूरों की मौत हो गई। राहतकर्मियों को टनल के भीतर पानी और मलबे के कारण काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
सीएम धामी ने दिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू के निर्देश
हादसे की सूचना मिलते ही उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और राहत-बचाव अभियान को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से मौके पर मौजूद एजेंसियों के बीच समन्वय बनाकर काम किया गया। बचाव दल का मुख्य उद्देश्य टनल में फंसे सभी लोगों तक पहुंचना और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना रहा। चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के कारण अभियान में विशेष सावधानी बरती जा रही है।
हादसे ने फिर उठाए टनल सुरक्षा पर सवाल
चमोली जैसे पहाड़ी और भौगोलिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र में निर्माणाधीन सुरंगों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा एक गंभीर मुद्दा है। अचानक पानी का प्रवेश और मलबा गिरने जैसी घटनाएं निर्माण स्थलों पर जोखिम बढ़ा देती हैं। इस हादसे के बाद अब टनल की सुरक्षा व्यवस्था, जल निकासी प्रणाली और आपदा प्रबंधन तैयारियों की समीक्षा की जरूरत महसूस हो रही है। फिलहाल प्रशासन और राहत एजेंसियों का पूरा ध्यान प्रभावित मजदूरों को सहायता देने और हादसे के कारणों का पता लगाने पर है।