राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में उठ रहे सवालों के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपने करीबियों से कहा है कि वह "कलंक लेकर अयोध्या से नहीं जाएंगे।" बताया जा रहा है कि वह फिलहाल एकांत में हैं और एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद वह अपना पक्ष सार्वजनिक कर सकते हैं।
'टिन्नू यादव से ऐसी उम्मीद नहीं थी'
सूत्रों के मुताबिक, चंपत राय ने बातचीत में कहा कि आरोपी टिन्नू यादव ने उनका भरोसा तोड़ा। उन्होंने कहा कि उन्हें टिन्नू से ऐसी उम्मीद बिल्कुल नहीं थी। उनके अनुसार, मंदिर निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन वह आरोपों के साथ अयोध्या छोड़ना नहीं चाहते।
भगवान राम की मूर्ति की ओर किया इशारा
बताया जा रहा है कि चंपत राय अपने साधारण कमरे में रह रहे हैं। जब उनके करीबी लोगों ने स्वास्थ्य और आरोपों को लेकर चिंता जताई तो उन्होंने कमरे में रखी भगवान राम की मूर्ति की ओर इशारा करते हुए कहा कि उन्हें किसी बात की चिंता नहीं है और सत्य सामने आएगा।
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केजरीवाल ने भी किया बड़ा दावा
इसी बीच आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि उन्हें कुछ दिन पहले राम मंदिर से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिली थी। उन्होंने कहा कि पहले उन्हें इस पर भरोसा नहीं हुआ, लेकिन पुष्टि होने के बाद वह जल्द ही इस जानकारी को सार्वजनिक करेंगे। हालांकि उन्होंने अभी कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है।
रामगोपाल यादव ने उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चढ़ावा विवाद में सिर्फ एक व्यक्ति की भूमिका नहीं हो सकती। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन के दौरान एकत्र किए गए चंदे का भी पूरा हिसाब सार्वजनिक नहीं हुआ और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
एसआईटी रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में फिलहाल एसआईटी की जांच जारी है। अंतिम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई और संभावित जिम्मेदारियों पर तस्वीर साफ होने की उम्मीद है। अभी तक सामने आए कई आरोप और दावे जांच के दायरे में हैं, जिनकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।