पश्चिम बंगाल में चुनावी नतीजों के बाद जारी राजनीतिक तनाव के बीच बीजेपी नेता Suvendu Adhikari के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या ने राज्य की राजनीति को हिला दिया है। मध्यमग्राम इलाके में देर रात हुए इस हमले में बदमाशों ने कार रोककर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। पुलिस अब इस मामले में बॉर्डर कनेक्शन, सुपारी किलर्स और फर्जी नंबर प्लेट समेत कई एंगल से जांच कर रही है।
पीछा करने के बाद किया गया हमला
जानकारी के मुताबिक चंद्रनाथ रथ अपनी स्कॉर्पियो से मध्यमग्राम के दोहरिया इलाके से गुजर रहे थे। इसी दौरान एक कार लगातार उनका पीछा कर रही थी। कुछ दूरी बाद संदिग्ध कार आगे आकर धीमी हो गई, जिससे चंद्रनाथ की गाड़ी की रफ्तार भी कम करनी पड़ी। तभी बाइक सवार हमलावरों ने बेहद करीब से फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों की आवाज से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हमले में चंद्रनाथ को कई गोलियां लगीं, जबकि उनका ड्राइवर भी घायल हो गया।
जांच में सामने आया फर्जी नंबर प्लेट का मामला
पुलिस जांच में जिस कार का इस्तेमाल हमलावरों ने किया, उसकी नंबर प्लेट सिलीगुड़ी में रजिस्टर्ड एक असली गाड़ी की निकली। वाहन मालिक ने बताया कि उन्होंने कुछ दिन पहले अपनी कार ऑनलाइन बिक्री के लिए डाली थी और संभव है कि वहीं से नंबर प्लेट की कॉपी की गई हो। पुलिस ने संदिग्ध वाहन को जब्त कर लिया है और उसमें से जिंदा कारतूस व इस्तेमाल किए गए खोखे बरामद किए हैं।
बांग्लादेश बॉर्डर की तरफ भागने का दावा
घटनास्थल पर मौजूद एक चश्मदीद ने पुलिस को बताया कि हमला करने के बाद आरोपी बांग्लादेश सीमा की दिशा में भागते दिखाई दिए। इसी बयान के बाद जांच एजेंसियां बॉर्डर कनेक्शन को भी गंभीरता से खंगाल रही हैं। पुलिस ने तीन स्थानीय हिस्ट्रीशीटरों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, हालांकि मुख्य आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं।
सुपारी किलर्स और विदेशी हथियार का शक
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक हमले में प्रोफेशनल शूटर शामिल हो सकते हैं। घटनास्थल से मिले कारतूसों के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि फायरिंग में अत्याधुनिक पिस्टल का इस्तेमाल हुआ। फॉरेंसिक टीम हथियार की जांच कर रही है। पुलिस इलाके के CCTV फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाया जा सके।
हत्या के बाद बंगाल की राजनीति में बढ़ा तनाव
चंद्रनाथ रथ लंबे समय से शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी माने जाते थे और कई राजनीतिक अभियानों में सक्रिय भूमिका निभा चुके थे। घटना के बाद बीजेपी ने राजनीतिक साजिश का आरोप लगाया, जबकि सत्ताधारी दल ने हत्या की निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। इसी बीच बशीरहाट में झंडा लगाने को लेकर हुई गोलीबारी ने राज्य के माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया है।