अमेरिका में काम करने के इच्छुक विदेशी पेशेवरों के लिए एच-1बी वर्क वीजा से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (डीएचएस) ने एच-1बी वीजा कार्यक्रम को लेकर एक नया नियम जारी किया है, जिसका उद्देश्य अमेरिकी श्रमिकों की नौकरियों, वेतन और कामकाजी परिस्थितियों की बेहतर सुरक्षा करना है। यह नियम अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) की ओर से लागू किया गया है।
वीजा के लिए प्रक्रिया पूरी तरह बदल दी गई
नए नियम के तहत अब एच-1बी वीजा के लिए प्रक्रिया पूरी तरह बदल दी गई है। अब तक वीजा पाने के लिए रैंडम लॉटरी सिस्टम लागू था, लेकिन इसे खत्म कर दिया गया है। इसकी जगह अब एक वेटेड सेलेक्शन प्रोसेस लागू किया जाएगा, जिसमें अधिक कुशल (हायर स्किल) और अधिक वेतन पाने वाले विदेशी पेशेवरों को प्राथमिकता दी जाएगी।
कर्मचारियों को नुकसान होता था
होमलैंड सुरक्षा विभाग (डीएचएस) के अनुसार, पुराने लॉटरी सिस्टम का लंबे समय तक गलत इस्तेमाल होता रहा। कई अमेरिकी नियोक्ता इस प्रक्रिया का फायदा उठाकर कम वेतन पर विदेशी कामगारों को लाते थे, जिससे अमेरिकी कर्मचारियों को नुकसान होता था।
यूएससीआईएस के प्रवक्ता मैथ्यू ट्रैगेसर ने कहा कि यह रैंडम सिस्टम कांग्रेस के मूल उद्देश्य को पूरा नहीं कर पा रहा था। नए नियम से यह सुनिश्चित होगा कि एच-1बी वीजा उन्हीं विदेशी पेशेवरों को मिले जिनकी योग्यता और वेतन स्तर ऊंचा है।
उन्होंने कहा कि नया चयन सिस्टम अमेरिकी कंपनियों को उच्च वेतन और उच्च कौशल वाले विदेशी पेशेवरों को नियुक्त करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। इससे अमेरिका की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत होगी और साथ ही अमेरिकी श्रमिकों के हितों की रक्षा भी होगी।
अतिरिक्त 20,000 वीजा उपलब्ध रहते हैं
एच-1बी वीजा की संख्या में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हर साल 65,000 एच-1बी वीजा जारी किए जाते हैं, जबकि अमेरिका से उच्च डिग्री प्राप्त करने वालों के लिए अतिरिक्त 20,000 वीजा उपलब्ध रहते हैं। हालांकि, नए नियम के तहत चयन की संभावना अब ज्यादा कुशल और अधिक वेतन वाले आवेदकों के पक्ष में होगी, जबकि सभी वेतन स्तरों के लिए अवसर बने रहेंगे।