उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में रहने वाला जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा एक ऐसा नाम बन चुका है जिसकी हकीकत अब धीरे-धीरे सामने आ रही है. भले ही उसका नाम यूपी के किसी टॉप माफिया की लिस्ट में नहीं था, लेकिन उसकी दहशत और दबदबा किसी माफिया से कम नहीं था. पिछले 15 सालों से वह इलाके में धर्मांतरण का खेल लगातार खेल रहा था और प्रशासन पर भी उसका असर इतना था कि उसके खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हो सकी.
‘कमांडो फोर्स’ जैसी टीम बनाकर रखा था डर का माहौल
छांगुर बाबा ने अपनी कोठी में करीब 50 युवाओं की टीम बना रखी थी, जो किसी कमांडो फोर्स की तरह काम करती थी. ये लड़के उसके एक इशारे पर किसी को भी धमकाने या मारने को तैयार रहते थे. कई बार इनकी हरकतों की शिकायत थाने तक पहुंची, लेकिन छांगुर के प्रशासन से संबंध इतने मजबूत थे कि उन्हें कुछ नहीं कहा गया. इन युवाओं के रहने और खाने-पीने की पूरी जिम्मेदारी भी छांगुर की थी. कोठी में उनके लिए अलग घर बने हुए थे और सब कुछ उसी के पैसों से चलता था. ATS की जांच रिपोर्ट में इन युवाओं का जिक्र भी किया गया है.
स्विस बैंक में खाता, विदेशों से पैसा
जांच के दौरान एटीएस को यह भी पता चला कि छांगुर की करीबी महिला सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन के नाम स्विस बैंक में एक खाता है. जब बलरामपुर में छांगुर की कोठी को गिराया गया तो वहां एक बक्सा मिला जिसमें कुछ दस्तावेज थे. इन्हीं में स्विस बैंक अकाउंट से जुड़े कागज भी पाए गए. जब एटीएस ने छांगुर और नसरीन से इस बारे में सवाल किए, तो उन्होंने साफ जवाब नहीं दिया. उन्होंने बस इतना कहा कि एक अहमद नाम के व्यक्ति ने यह खाता खुलवाया था.
ईडी की एंट्री, 100 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति की जांच
अब इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी कूद चुका है. ईडी ने छांगुर और उसकी 40 संस्थाओं का पिछले 10 साल का आयकर रिटर्न मांगा है. ईडी को शक है कि इन खातों से 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का लेन-देन हुआ है. ईडी अब जल्द ही छांगुर और नसरीन को कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी. उनके अलावा गिरोह के छह और सदस्यों की संपत्तियों की भी जांच की जा रही है.
विदेश से आया पैसा, आठ खाते खुलवाए
छांगुर ने पूछताछ में खुद माना कि वह 15 साल से धर्मांतरण का काम कर रहा है. उसका कहना था कि वह पहले लोगों को इस्लाम के बारे में जानकारी देता था और जो लोग राजी होते थे, उन्हें मुस्लिम बना देता था. जब उससे पूछा गया कि लोगों ने धमकाकर धर्म बदलवाने का आरोप लगाया है, तो उसने माना कि कई बार गुस्से में धमकी दे देता था.
छांगुर ने यह भी बताया कि उसके कई देशों में संपर्क हैं और वहां से गरीबों की मदद के लिए पैसा आता था. इसी वजह से नसरीन के नाम से 8 बैंक खाते खुलवाए गए थे. एक मामले में बैंक ऑफ बड़ौदा के एक खाते में विदेश से 5 करोड़ रुपये भेजे गए थे. साल 2021 में सिर्फ 24 फरवरी से 28 जून तक की अवधि में कुल 13.90 करोड़ रुपये इन खातों में जमा हुए थे.