ED raid In Kerala: केरल में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा नेता प्रतिपक्ष पिनारयी विजयन के तिरुवनंतपुरम स्थित आवास पर ईडी की जांच के बाद बाहर निकल रहे अधिकारियों को पार्टी कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अधिकारियों को घेर लिया, जिससे मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। काफी देर तक अफरा-तफरी और धक्का-मुक्की जैसे हालात बने रहे।
ईडी अधिकारियों को रोकने की कोशिश
छापेमारी खत्म होने के बाद जब ईडी अधिकारी आवास से बाहर निकलने लगे तो गेट पर मौजूद पार्टी समर्थकों ने उन्हें रोक लिया। कार्यकर्ता लगातार नारेबाजी करते हुए कार्रवाई पर सवाल उठाते रहे। स्थिति बिगड़ती देख स्थानीय नेताओं और पार्टी पदाधिकारियों ने समर्थकों को शांत कराने की कोशिश की। बाद में सुरक्षा व्यवस्था के बीच अधिकारियों को वहां से बाहर निकाला गया।
CPI(M) ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
इस पूरे मामले पर CPI(M) महासचिव एमए बेबी ने केंद्र सरकार और ईडी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है। बेबी ने दावा किया कि देश के कई हिस्सों में विपक्षी नेताओं के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई की गई है और यह राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है।
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जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप
एमए बेबी ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय अब स्वतंत्र एजेंसी की तरह काम नहीं कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एजेंसियों का उपयोग राजनीतिक विरोधियों को दबाने और डराने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने दिल्ली के नेताओं से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि कई मामलों में बाद में अदालतों से राहत मिली है।
केरल की राजनीति में बढ़ा तनाव
ईडी की कार्रवाई के बाद राज्य में राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। CPI(M) कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है और इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग का मामला बताया है। विपक्षी दलों ने भी केंद्र सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगाया है। वहीं पूरे घटनाक्रम को लेकर राज्य की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है।