Chaos in Kolkata: कोलकाता के तारातला ट्रांसपोर्ट डिपो क्षेत्र में बुधवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया, जब निर्माणाधीन गोदाम का शेड अचानक भरभराकर गिर पड़ा। हादसे में अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 21 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया है। आशंका जताई जा रही है कि अभी भी 40 से अधिक लोग मलबे में फंसे हो सकते हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और राहत-बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया।
एनडीआरएफ और सेना ने संभाला मोर्चा
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, एनडीआरएफ और सेना की टीमें मौके पर पहुंच गईं। बचाव दल गैस कटर की मदद से लोहे के खंभों और संरचनाओं को काटकर मलबा हटाने में जुटा है। भारी मलबे और लोहे की रॉड हटाने के लिए क्रेन की भी सहायता ली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
मलबे में फंसे मजदूर की गुहार
बचाव अभियान के दौरान एक दर्दनाक दृश्य सामने आया, जब मलबे में दबा एक मजदूर अपनी जान बचाने की गुहार लगाता सुनाई दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह लगातार कह रहा था कि जरूरत पड़े तो उसका पैर काट दिया जाए, लेकिन उसे किसी तरह बाहर निकाल लिया जाए। स्थानीय युवक अंकित सिंह ने भी बचाव कार्य में मदद करते हुए फंसे मजदूर की स्थिति का पता लगाने में अहम भूमिका निभाई, जिससे रेस्क्यू टीम को राहत कार्य में सहायता मिली।
सरकार ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
घटना के बाद राज्य सरकार ने प्रभावित लोगों और उनके परिजनों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और राहत कार्यों का समन्वय कर रहा है। हादसे की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे तथा बचाव कार्यों की समीक्षा की।
निर्माण सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर निर्माणाधीन परियोजनाओं में सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले कुछ वर्षों में देश के विभिन्न हिस्सों में निर्माण कार्यों के दौरान कई बड़े हादसे सामने आए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों की जान गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे के समय गोदाम में कंक्रीट ढलाई का काम चल रहा था। अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना किन कारणों से हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।