भारत में शराब की कीमतें राज्यों के हिसाब से इतनी अलग-अलग हैं कि एक ही बियर की बोतल कहीं 120 रुपये में मिलती है तो कहीं 200 रुपये में, लेकिन सवाल है कि आखिर ऐसा क्यों, इसकी बड़ी वजह है शराब पर लगने वाला एक्साइज ड्यूटी, जिसे हर राज्य खुद तय करता है. चूंकि शराब GST से बाहर है, इसलिए राज्यों के अपने टैक्स रेट हैं. जहां टैक्स ज्यादा, वहां शराब महंगा और जहां टैक्स कम, वहां लोग मज़े से सस्ती शराब का लुत्फ उठाते हैं. अब जानिए कौन सा राज्य सबसे सस्ता है
गोवा-इंडिया की सबसे सस्ती शराब का हब
अगर आप कम कीमत में शराब खरीदना चाहते हैं, तो गोवा से सस्ता और कोई स्टेट नहीं मिलेगा. यहां शराब पर एक्साइज ड्यूटी बेहद कम है करीब 49%. गोवा सरकार का साफ मानना है कि सस्ती शराब से टूरिज़्म बढ़ता है, होटल इंडस्ट्री को फायदा होता है और राज्य की कमाई बढ़ती है. यही कारण है कि बियर से लेकर हार्ड लिकर तक, सबकुछ बाकी राज्यों की तुलना में काफी कम दाम पर मिलता है. यही वजह है कि गोवा सिर्फ बीच और पार्टी के लिए ही नहीं, बल्कि “सस्ती शराब” के लिए भी टूरिस्टों का फेवरेट है.
हरियाणा–दिल्ली भी हैं सस्ती शराब की लिस्ट में
गोवा के बाद जहां शराब अपेक्षाकृत सस्ती मिलती है, वो हरियाणा है. यहां एक्साइज ड्यूटी लगभग 47% है और CSD कैंटीन आउटलेट्स होने के कारण दाम और भी कम महसूस होते हैं. खासकर गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे शहरों में शराब यूपी-राजस्थान की तुलना में सस्ती मिलती है. दिल्ली में टैक्स रेट करीब 62% है, लेकिन फिर भी दिल्ली की कीमतें देश के कई राज्यों से कम मानी जाती हैं. दिल्ली के मुकाबले यूपी में टैक्स 66% तक पहुंच जाता है, इसलिए दिल्ली की शराब कई बार सीमावर्ती राज्यों से भी सस्ती पड़ती है.
क्यों कुछ राज्यों में शराब बहुत सस्ती रखी जाती है?
गोवा, पुडुचेरी, दमन–दीव जैसे राज्यों की रणनीति साफ है सस्ते दामों से टूरिस्ट बढ़ेंगे और इससे होटल, गाड़ी, फूड और बिज़नेस सभी को फायदा होगा। वहीं कुछ राज्यों में टैक्स इतना ज्यादा है कि शराब की कीमतें दोगुनी हो जाती हैं। साथ ही, सस्ते राज्यों से शराब बाहर ले जाने पर सख्त कानून भी हैं आप सिर्फ तय सीमा में ही बोतलें बाहर ले जा सकते हैं, वरना यह अपराध माना जाएगा.