नवरात्रि की शुरुआत आम आदमी के लिए खुशखबरी लेकर आई है। सरकार ने 22 सितंबर से GST 2.0 लागू कर रोजमर्रा के इस्तेमाल के सामान पर टैक्स कम या शून्य कर दिया है। दूध, पनीर, मक्खन, तेल, साबुन, शैंपू और बच्चों की पढ़ाई के सामान जैसे ज़रूरी उत्पाद अब पहले से सस्ते हो गए हैं। इस कदम से गरीब और मिडिल क्लास दोनों को सीधे तौर पर फायदा होगा और त्योहारों के मौसम में घर के बजट पर बोझ कम होगा।
डेयरी प्रोडक्ट्स में बचत
GST 2.0 लागू होने के साथ ही डेयरी प्रोडक्ट्स पर टैक्स में बड़ी कटौती की गई है। अब UHT दूध पर 5% जीएसटी को हटाकर शून्य कर दिया गया है, जिससे 1 लीटर पैक की कीमत 77 रुपये से घटकर 75 रुपये हो गई। पनीर पर 12% जीएसटी हटने के बाद 200 ग्राम पनीर 90 रुपये की जगह 80 रुपये में मिल रहा है। मक्खन 500 ग्राम का पैक 305 रुपये से घटकर 285 रुपये का हो गया, जबकि घी पर टैक्स 12% से घटकर 5% कर दिया गया है। अब 1 लीटर घी 650 रुपये की बजाय लगभग 610 रुपये में मिलेगा।
फूड और स्नैक्स सस्ते
रोजमर्रा के फूड आइटम्स पर भी राहत दी गई है। ब्रेड और पिज्जा को 5% से शून्य जीएसटी में शामिल किया गया है। अब ब्रेड का पैक 20 रुपये की जगह 19 रुपये में मिलेगा। पास्ता, नूडल्स और कॉर्न फ्लेक्स पर टैक्स 12-18% से घटाकर 5% कर दिया गया है। वहीं बिस्कुट और नमकीन पर टैक्स अब सिर्फ 5% रह गया है।
पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स पर बड़ी राहत
तेल, शैंपू और साबुन जैसे ज़रूरी पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स पर 18% जीएसटी घटाकर 5% कर दिया गया है। अब 100 रुपये का शैंपू पैक 118 रुपये के बजाय सिर्फ 105 रुपये में मिलेगा। मिठाइयां और चॉकलेट भी सस्ती हो गई हैं। 50 रुपये की चॉकलेट अब 44 रुपये में और 400 रुपये प्रति किलो के लड्डू पर टैक्स 72 रुपये की जगह सिर्फ 20 रुपये लगेगा।
बच्चों के पढ़ाई के सामान हुए GST फ्री
सरकार ने बच्चों की शिक्षा से जुड़े सामान को पूरी तरह जीएसटी फ्री कर दिया है। अब नोटबुक, पेंसिल, रबर, ग्लोब, प्रैक्टिस बुक, ग्राफ बुक और प्रयोगशाला नोटबुक बिना किसी टैक्स के उपलब्ध होंगी।
नवरात्रि पर बचत का मौका
त्योहारों से ठीक पहले लागू हुए इस सुधार से लगभग 99% रोजमर्रा के सामान की कीमतों में कमी आई है। सरकार का लक्ष्य है कि आम आदमी को राहत मिले और त्योहारों में लोग अधिक बचत कर सकें।