भारत में विलुप्त हो चुके चीतों की आबादी बढ़ाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अफ्रीका से जल्द ही 10 नए चीते भारत लाए जाएंगे। वन विभाग की तैयारियों के अनुसार ये सभी चीते दिसंबर 2025 तक मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में पहुंच सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2022 में इस परियोजना की शुरुआत के बाद यह दूसरी बड़ी खेप होगी, जो देश में चीतों की संख्या बढ़ाने और जैव-विविधता को मजबूत करने में अहम साबित होगी।
दिसंबर तक 10 नए चीतों के आने की तैयारी
वन विभाग और प्रोजेक्ट चीता टीम ने अफ्रीका के नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका के विशेषज्ञों के साथ समझौता पूरा कर लिया है। इन 10 चीतों को क्वारंटीन और स्वास्थ्य परीक्षण के बाद भारत भेजा जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक मौसम अनुकूल रहने पर दिसंबर के पहले या दूसरे सप्ताह में चीते कूनो नेशनल पार्क में छोड़े जा सकते हैं। इस खेप में नर और मादा दोनों प्रकार के चीते शामिल होंगे, जिससे प्रजनन प्रक्रिया को गति मिलेगी।
कूनो में चीतों की संख्या बढ़ने से उम्मीदें
वर्तमान में कूनो नेशनल पार्क में 20 से अधिक चीते मौजूद हैं, जिनमें 2022 में लाए गए 8 चीते और उसके बाद जन्मे शावक शामिल हैं। नए चीतों के आने से यहां प्रजनन क्षमता और जीन पूल दोनों मजबूत होंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि यह पहल भारतीय वन्यजीव संरक्षण के लिए ऐतिहासिक कदम है और इससे देश में पारिस्थितिकी संतुलन बहाल करने में मदद मिलेगी।
चीतों की वापसी का सफर
भारत में आखिरी बार 1952 में चीतों को विलुप्त घोषित किया गया था। इसके बाद 2022 में प्रधानमंत्री ने नामीबिया से 8 चीतों को लाकर कूनो में छोड़ा था। यह परियोजना लंबे शोध और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का परिणाम है। नए चीतों का आगमन इस मिशन को नई दिशा देगा और आने वाले वर्षों में देश के अन्य संरक्षित क्षेत्रों तक इसे विस्तार देने की योजना है।