कूनो नेशनल पार्क से एक और दुखद खबर सामने आई है। दक्षिण अफ्रीकी मादा चीता वीरा के 10 महीने के शावक का शव रिलीज के अगले ही दिन जंगल में मिला। मुख्यमंत्री द्वारा गुरुवार को वीरा और उसके दो शावकों को खुले क्षेत्र में छोड़ा गया था, लेकिन देर रात एक शावक मां से बिछड़ गया। शुक्रवार दोपहर उसकी तलाश के बाद शव मिला। प्राथमिक जांच में किसी संघर्ष या चोट के निशान नहीं मिले हैं।
शावक रिलीज के कुछ घंटों बाद ही हुआ लापता
कूनो प्रबंधन के अनुसार, गुरुवार देर रात शावक अपनी मां वीरा और दूसरे शावक से अलग हो गया था। मॉनिटरिंग टीम ने पूरी रात उसकी लोकेशन ट्रैक करने की कोशिश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। शुक्रवार दोपहर पारोंद क्षेत्र के जंगल में उसका शव पाया गया। अधिकारियों का कहना है कि मौत का सही कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से ही सामने आएगा।
वीरा और दूसरा शावक सुरक्षित, 24 घंटे निगरानी जारी
चीता प्रोजेक्ट टीम ने बताया कि वीरा और उसका दूसरा शावक पूरी तरह सुरक्षित हैं। पार्क में लगातार कैमरा ट्रैप, ड्रोन व टीम की ऑन-फील्ड मॉनिटरिंग जारी है। प्रबंधन ने साफ किया है कि सभी चीतों की गतिविधियों और स्वास्थ्य पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है।
अब कूनो में कुल 28 चीते बचे
शावक की मौत के बाद कूनो नेशनल पार्क में अब कुल 28 चीते बचे हैं। इनमें 8 वयस्क और 20 भारत में जन्मे शावक शामिल हैं। बाकी सभी चीते स्वस्थ बताए गए हैं। टीम इस घटना की गहन जांच कर रही है, जिसमें शावक के प्राकृतिक व्यवहार, जंगल के जोखिम और निगरानी प्रणाली की प्रभावशीलता की समीक्षा की जा रही है।
पिछले डेढ़ साल में कई मौतें, प्रोजेक्ट पर उठे सवाल
कूनो में मार्च 2023 से अब तक कई चीतों की मौत हो चुकी है—किडनी इन्फेक्शन, हार्ट-फेल, हीट स्ट्रेस और आपसी संघर्ष जैसी वजहें सामने आ चुकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों की जांच और मैनेजमेंट में सुधार की जरूरत है ताकि चीतों के संरक्षण मिशन को मजबूत बनाया जा सके।