छांगुर बाबा मामले से जुड़े अपडेट हर रोज सामने आ रहे है. ऐसे अपडेट जिनसे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसका मकसद कितना खौफनाक था. अब सहारनपुर की एक युवती ने छांगुर बाबा उर्फ जलालुद्दीन के धर्मांतरण गिरोह की खौफनाक सच्चाई उजागर की है. सऊदी अरब से किसी तरह भागकर भारत लौटी इस पीड़िता ने बताया कि यह गिरोह लड़कियों को सोशल मीडिया के जरिए फंसा कर पहले धर्म बदलवाता है और फिर उन्हें शेखों के पास बेच देता है. पीड़िता के खुलासे से पता चला है कि इस गिरोह का मकसद 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश की 50 हजार से ज्यादा लड़कियों का धर्मांतरण कराना है.
सोशल मीडिया से शुरू हुई जालसाजी
पीड़िता सहारनपुर की रहने वाली है और 2021 में कर्नाटक के एक ब्यूटी पार्लर में काम कर रही थी. तभी वसीम नाम के युवक ने जो खुद को "राजू राठौर" बताता था उसने फेसबुक पर उससे दोस्ती की. वसीम ने शादी का झांसा देकर युवती को सऊदी बुलाया और कहा कि वह वहां मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता है. उसने यह भी वादा किया कि वहां जाकर वह युवती को ब्यूटी पार्लर खुलवाएगा.
जेवर बेचकर पहुंची सऊदी, फिर हुआ शोषण
माता-पिता की पहले ही मौत हो जाने की वजह से युवती अकेली थी और उसे सहारे की जरूरत थी. वसीम की बातों पर भरोसा कर वह घर के जेवर बेचकर सऊदी चली गई. लेकिन वहां पहुंचते ही वसीम का असली चेहरा सामने आ गया. उसने उसका यौन शोषण किया और फिर अपने साथियों से भी करवाया. विरोध करने पर उसे भूखा रखा जाता और नशीले इंजेक्शन दिए जाते. धमकी दी जाती कि अगर उसने बात नहीं मानी तो उसके वीडियो वायरल कर दिए जाएंगे.
जबरन कराया धर्मांतरण
सऊदी के अद्दिलामनगर में मौलाना अख्तर सिद्दीकी ने युवती का जबरन धर्म परिवर्तन कराया. उसे नमाज पढ़ाई जाती और कलमा पढ़वाया जाता. वसीम और अख्तर सिद्दीकी मिलकर उसकी शादी एक शेख से कराने की योजना बना चुके थे, जिससे उसे पूरी तरह बेच दिया जाता.
मौका मिलते ही भाग निकली
पीड़िता को एक फ्लैट में बंदी बनाकर रखा गया था. कई बार भागने की कोशिश नाकाम रही, क्योंकि उसका पासपोर्ट छीन लिया गया था. एक दिन जब वसीम और अख्तर सो गए, तो युवती को टेबल की दराज में अपना पासपोर्ट मिल गया. मौका देखकर वह वहां से भाग निकली और भारत लौट आई.
भारत में नहीं मिली तुरंत मदद
भारत लौटने के बाद पीड़िता ने सहारनपुर में थाने से लेकर कप्तान कार्यालय तक कई चक्कर लगाए, लेकिन किसी ने उसकी सुनवाई नहीं की. इसके बाद उसने कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई.
गिरोह का नेटवर्क और बड़े खुलासे
पीड़िता ने बताया कि छांगुर बाबा का यह गिरोह धर्म परिवर्तन, झूठे रिश्ते और नौकरी के लालच के जरिए लड़कियों को फंसाता है. अगर कोई लड़की इन बातों में नहीं आती तो फर्जी आईडी बनाकर उसे सोशल मीडिया से जोड़ते हैं, फिर दोस्ती कर वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करते हैं. उसने यह भी बताया कि गिरोह द्वारा फंसाई गई लड़कियों में से ज्यादातर सहारनपुर, बिजनौर और देवबंद की रहने वाली हैं.
इस सनसनीखेज खुलासे के बाद पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. अब देखना होगा कि कानून इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करता है.