Rare Birth Case---- छतरपुर के लवकुशनगर में चार हाथ और चार पैर वाले नवजात के जन्म के बाद अस्पताल में लोगों की भीड़ जुट गई। डॉक्टरों ने इसे दुर्लभ कंजॉइन्ड ट्विन्स का मामला बताया है। अब बेहतर इलाज के लिए बच्चे को जबलपुर रेफर करने की तैयारी की जा रही है।
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के लवकुशनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रविवार को एक ऐसे नवजात का जन्म हुआ, जिसे देखकर अस्पताल में मौजूद लोग हैरान रह गए। बच्चे के चार हाथ और चार पैर हैं। जन्म की खबर फैलते ही अस्पताल में उसे देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। बच्चे की तस्वीरें और वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से सामने आने लगे। डॉक्टरों की टीम नवजात की निगरानी कर रही है और अब उसे बेहतर इलाज के लिए जबलपुर भेजने की तैयारी की जा रही है।
बच्चे को देखने के लिए अस्पताल में जुटी भीड़
लवकुशनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक महिला ने इस नवजात को जन्म दिया। बच्चे की शारीरिक बनावट सामान्य से अलग होने की जानकारी मिलते ही अस्पताल में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों के बीच चर्चा शुरू हो गई। देखते ही देखते यह बात आसपास के लोगों तक पहुंच गई और बच्चे को देखने के लिए अस्पताल में भीड़ जुटने लगी।अस्पताल में मौजूद कई लोग नवजात को देखकर हैरान नजर आए। कोई इसे कुदरत का अनोखा रूप बता रहा था तो कोई इसे चमत्कार से जोड़कर देख रहा था। इसी बीच बच्चे के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल होने लगे। इससे यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया।
डॉक्टरों ने बताया कंजॉइन्ड ट्विन्स का दुर्लभ मामला
नवजात की निगरानी कर रहे डॉक्टरों के मुताबिक यह मामला दुर्लभ कंजॉइन्ड ट्विन्स यानी आपस में जुड़े जुड़वां बच्चों से संबंधित है। डॉक्टरों का कहना है कि गर्भ में जुड़वां बच्चों का विकास हो रहा था, लेकिन इनमें से एक बच्चे का शरीर पूरी तरह विकसित नहीं हो सका।बताया गया कि अधूरे विकसित हुए बच्चे का धड़ दूसरे नवजात के पेट से जुड़ा हुआ था। इसी वजह से जन्म के बाद बच्चे के चार हाथ और चार पैर दिखाई दे रहे हैं। डॉक्टरों की टीम नवजात की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
जन्म के समय करीब 3 किलो था वजन
जानकारी के अनुसार जन्म के समय बच्चे का वजन करीब 3 किलोग्राम था और उसे स्वस्थ बताया गया। हालांकि, शरीर की असामान्य बनावट को देखते हुए डॉक्टर विशेष निगरानी कर रहे हैं। मेडिकल टीम बच्चे की स्थिति का लगातार आकलन कर रही है।इस दुर्लभ स्थिति को देखते हुए अब बच्चे को उच्च स्तर की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से आगे की व्यवस्था की जा रही है।
एयर एंबुलेंस से जबलपुर भेजने की तैयारी
मामले को लेकर छतरपुर सीएमएचओ डॉ. आरपी गुप्ता ने बताया कि नवजात को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए जबलपुर भेजने की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए एयर एंबुलेंस की मदद लेने की तैयारी है, ताकि बच्चे को जल्द से जल्द बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके।सीएमएचओ के मुताबिक बच्चे की स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ चिकित्सकों से इलाज दिलाने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल डॉक्टरों की टीम नवजात की निगरानी में जुटी है और उसे सुरक्षित तरीके से जबलपुर पहुंचाने की तैयारी चल रही है।
सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया मामला
बच्चे के जन्म की जानकारी सामने आने के बाद उसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने लगे। इसके बाद छतरपुर ही नहीं, आसपास के इलाकों में भी लोग इस मामले को लेकर चर्चा करने लगे।डॉक्टरों के अनुसार यह एक दुर्लभ चिकित्सकीय स्थिति से जुड़ा मामला है। ऐसे में किसी तरह की अफवाह फैलाने के बजाय विशेषज्ञों की जानकारी को महत्व देना जरूरी है। अब सभी की नजर बच्चे को मिलने वाले आगे के इलाज और उसकी स्वास्थ्य स्थिति पर है।