
छठ पूजा 2025: लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा 2025 इस साल कई दुर्लभ शुभ संयोगों के साथ मनाया जाएगा। कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से सप्तमी तिथि तक चलने वाला यह पर्व सूर्य उपासना और तप-त्याग का प्रतीक माना जाता है। इस बार छठ पर ‘रवि योग’ और ‘सुकर्मा योग’ जैसे शुभ योग बन रहे हैं, जिनमें भगवान सूर्य और छठ मैया की पूजा करने से व्रतियों को आरोग्यता, सुख और समृद्धि का आशीर्वाद मिलेगा।
छठ पूजा तिथि और शुभ मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि 27 नवंबर को प्रातः काल 06 बजकर 04 मिनट से शुरू होगा। वहीं, 28 अक्टूबर को सुबह 07 बजकर 59 मिनट पर षष्ठी तिथि का समापन होगा। इसके बाद सप्तमी तिथि शुरू होगी। छठ पूजा शुभ योग ज्योतिषियों की मानें तो छठ पूजा के दिन सुकर्मा और रवि योग का निर्माण हो रहा है। रवि योग का संयोग देर रात 10 बजकर 46 मिनट तक है। इसके साथ ही सुकर्मा योग का संयोग पूर्ण रात्रि तक है। व्रती रवि योग में सूर्य देव को जल का अर्घ्य देंगी। इस योग में सूर्य देव की उपासना करने से आरोग्यता का वरदान मिलेगा। साथ ही सुख और समृद्धि में वृद्धि होगी।
करण और नक्षत्र का महत्व
छठ पूजा के दिन कौलव और तैतिल करण का संयोग भी बन रहा है। कौलव करण शाम 7:05 बजे तक रहेगा, जिसके बाद तैतिल करण प्रारंभ होगा। दोनों को शुभ माना गया है। इसके साथ ही पूर्वाषाढा नक्षत्र का योग बन रहा है, जो आरोग्यता और जीवन में स्थिरता प्रदान करने वाला नक्षत्र माना गया है। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि इस बार के छठ पर्व पर बन रहे ये दुर्लभ योग व्रतियों के लिए अत्यंत शुभ रहेंगे। जो भी श्रद्धा और नियमपूर्वक सूर्य देव और छठ मैया की पूजा करेगा, उसे दोगुना फल और सुख-समृद्धि का वरदान मिलेगा।