मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में रविवार को युवक कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। वोट चोर गद्दी छोड़ अभियान के तहत पीएम और चुनाव आयोग के विरोध में किए जा रहे पुतला दहन के बीच अचानक आग भड़क गई। पुतले की आग बुझाने और उसे प्रदर्शनकारियों से छुड़ाने की कोशिश कर रहे दो पुलिसकर्मी इसकी चपेट में आ गए। दोनों को गंभीर रूप से झुलसने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
पुतला दहन के दौरान भड़की आग
जानकारी के अनुसार, युवक कांग्रेस कार्यकर्ता पुतला दहन कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने पुतला कब्जे में लेने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि तभी किसी ने पुतले पर ज्वलनशील पदार्थ डाल दिया, जिससे आग अचानक तेज हो गई। आग की लपटों में कोतवाली एएसआइ नारायण बघेल और प्रधान आरक्षक युवराज रघुवंशी बुरी तरह झुलस गए। मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने तुरंत दोनों को बाहर निकाला और जिला अस्पताल पहुंचाया।
पुलिसकर्मियों की हालत स्थिर
कोतवाली टीआई आशीष धुर्वे ने बताया कि एएसआइ के पैर और प्रधान आरक्षक के हाथ में गंभीर जलन है। डॉक्टरों की टीम दोनों का इलाज कर रही है। शुरुआती उपचार के बाद उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
फुटेज के आधार पर होगी कार्रवाई
घटना के बाद छिंदवाड़ा पुलिस प्रदर्शन के वीडियो फुटेज खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि आग कैसे भड़की और किसने ज्वलनशील पदार्थ डाला, इसकी जांच की जा रही है। फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुतला दहन के दौरान पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम न होने से हादसे का खतरा बढ़ा। फिलहाल पुलिस का कहना है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।