मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में सोमवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सिवनी–बैतूल स्पेशल पैसेंजर ट्रेन के तीन डिब्बे अचानक इंजन से अलग हो गए। तेज धमाके जैसी आवाज से यात्रियों में दहशत फैल गई और कई लोग घबराकर नीचे उतर आए। हालांकि समय रहते कर्मचारियों ने स्थिति संभाल ली और आधे घंटे बाद ट्रेन को सुरक्षित रवाना किया गया।
घटना कैसे हुई?
सुबह करीब 8 बजे ट्रेन छिंदवाड़ा जंक्शन से बैतूल की ओर रवाना हुई थी। स्टेशन से कुछ ही दूरी पर स्थित चार फाटक के पास जब ट्रेन रफ्तार पकड़ रही थी, तभी अचानक झटका लगा और यात्रियों से भरे तीन डिब्बे इंजन से अलग हो गए। तेज आवाज सुनते ही कोच में बैठे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और लोग खिड़कियों से बाहर झांकने लगे।
यात्रियों में दहशत, ट्रैक किनारे जुटी भीड़
अचानक हुई इस तकनीकी गड़बड़ी से कई यात्रियों को जोरदार झटका महसूस हुआ। कुछ देर के लिए भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और एहतियातन बड़ी संख्या में लोग ट्रेन से उतर आए। यात्री ट्रैक के किनारे खड़े होकर कारण जानने की कोशिश करते रहे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि यह घटना कुछ मिनट बाद या अधिक गति पर होती, तो गंभीर दुर्घटना हो सकती थी।
बड़ा हादसा टलने से राहत
सौभाग्य से ट्रेन की रफ्तार उस समय कम थी, जिससे कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। सभी यात्रियों को सुरक्षित बताया गया है। घटना के बाद लोग डरे हुए जरूर दिखे, लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी को चोट नहीं आई। कई यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से ऐसी तकनीकी खामियों की जल्द जांच की मांग भी की।
तकनीकी टीम मौके पर, कपलिंग में खराबी की आशंका
सूचना मिलते ही रेलवे विभाग के तकनीकी कर्मचारी, इंजीनियरिंग और ऑपरेशन स्टाफ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। प्रारंभिक जांच में कपलिंग सिस्टम में तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है, जिसके कारण डिब्बे इंजन से अलग हुए। कर्मचारियों ने तुरंत मरम्मत कार्य शुरू किया और सभी हिस्सों की सुरक्षा जांच की गई।
आधे घंटे बाद रवाना हुई ट्रेन
करीब आधे घंटे तक ट्रेन मौके पर खड़ी रही। सुधार कार्य और सुरक्षा परीक्षण पूरा होने के बाद अधिकारियों ने आगे की यात्रा की अनुमति दी। इसके बाद सिवनी–बैतूल स्पेशल ट्रेन अपने गंतव्य बैतूल की ओर रवाना हुई। घटना के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली, हालांकि यह हादसा रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर गया है।