
छोटी दिवाली, जिसे नरक चतुर्दशी या रूप चौदस भी कहा जाता है, दीपावली से एक दिन पहले मनाई जाती है। यह दिन आध्यात्मिक रूप से अत्यंत शुभ माना जाता है और इस बार यानी 2025 में छोटी दिवाली पर चार विशेष संयोग बन रहे हैं, जो इसे और भी फलदायी बना रहे हैं। खास बात यह है कि इस दिन हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व है। अगर सही विधि और श्रद्धा से पूजा की जाए, तो जीवन की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और सुख-समृद्धि का वास होता है।
चार शुभ योग बना रहे हैं दिन को खास
2025 की छोटी दिवाली पर अमृत सिद्धि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, अभिजीत मुहूर्त, और रवि योग जैसे चार विशेष संयोग बन रहे हैं। ये योग पूजा-पाठ, तंत्र-मंत्र सिद्धि, और शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए अत्यंत अनुकूल माने जाते हैं। इन योगों में किया गया कोई भी धार्मिक कार्य कई गुना फलदायी होता है।
हनुमान पूजा का विशेष महत्व
छोटी दिवाली पर हनुमान जी की पूजा करने से जीवन में मौजूद सभी बाधाएं दूर होती हैं। हनुमान जी को संकटमोचन कहा जाता है, और इस दिन विशेष रूप से "हनुमान चालीसा" का पाठ और "ॐ हं हनुमते नमः" मंत्र का जाप करना अत्यंत लाभकारी होता है। लाल फूल, सिंदूर, गुड़ और चने का भोग लगाकर हनुमान जी को प्रसन्न किया जा सकता है।
पूजा का शुभ मुहूर्त
छोटी दिवाली 2025 को हनुमान पूजा के लिए सुबह 06:20 से 08:45 बजे तक का समय अत्यंत शुभ रहेगा। वहीं, संध्या काल में दीपदान और तैल अभ्यंग स्नान भी इस दिन विशेष फलदायी माना गया है।
खुशहाली के लिए करें ये 3 उपाय
तिल का दीपक जलाएं: घर के मुख्य द्वार पर तिल के तेल का दीपक जलाएं, इससे नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है।
काले तिल और जल से स्नान: नरक चतुर्दशी पर सूर्योदय से पूर्व काले तिल और जल से स्नान करने से पापों का नाश होता है।
गरीबों को दान दें: इस दिन अन्न, वस्त्र या तिल से बने पकवानों का दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और घर में समृद्धि आती है।