भारत अपने रणनीतिक रूप से संवेदनशील सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे आमतौर पर ‘चिकन नेक’ कहा जाता है, की कनेक्टिविटी और सुरक्षा को लेकर बड़े स्तर पर तैयारी कर रहा है। प्रस्तावित अंडरग्राउंड रेलवे लाइन का उद्देश्य संकट की स्थिति में भी पूर्वोत्तर राज्यों से संपर्क बनाए रखना है। इस परियोजना को राष्ट्रीय सुरक्षा, आपूर्ति मार्गों की मजबूती और भविष्य की परिवहन जरूरतों से जोड़कर देखा जा रहा है।
रणनीतिक इलाके में नई पहल
चिकन नेक पश्चिम बंगाल की वह संकरी पट्टी है, जो देश के आठ उत्तर–पूर्वी राज्यों को शेष भारत से जोड़ती है। इसकी चौड़ाई कई जगहों पर 20–25 किलोमीटर तक सीमित है और यह नेपाल, भूटान तथा बांग्लादेश की सीमाओं के करीब स्थित है। इसी संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार ने यहां भूमिगत रेल ट्रैक बिछाने की योजना तैयार की है, ताकि किसी भी आपात परिस्थिति में यातायात बाधित न हो।
चार ट्रैक और भूमिगत सेक्शन का प्रस्ताव
रेल संपर्क को मजबूत करने के लिए इस कॉरिडोर में चार ट्रैक तक विस्तार का प्रस्ताव रखा गया है। योजना के अनुसार, पश्चिम बंगाल के भीतर एक निश्चित हिस्से में रेल लाइन जमीन के नीचे जाएगी। इससे न केवल मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि सुरक्षा जोखिमों को भी कम किया जा सकेगा।
क्यों जरूरी है भूमिगत रेल
सैन्य और रणनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सतह पर मौजूद बुनियादी ढांचा संघर्ष या आपदा की स्थिति में अधिक संवेदनशील होता है। भूमिगत ट्रैक होने से निगरानी, सुरक्षा और परिचालन निरंतरता बनी रह सकती है। यही कारण है कि इस हिस्से को खास तौर पर अंडरग्राउंड बनाने का फैसला किया गया है।
सीमावर्ती गतिविधियों से बढ़ी चिंता
पड़ोसी देशों में हो रहे कुछ रक्षा और तकनीकी विकासों के चलते सीमा क्षेत्रों की सुरक्षा पर लगातार नजर रखी जा रही है। ड्रोन तकनीक और निगरानी प्रणालियों के विस्तार ने इस इलाके के महत्व को और बढ़ा दिया है। ऐसे में चिकन नेक कॉरिडोर की मजबूती भारत की समग्र सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही है।
पूर्वोत्तर के लिए लाइफलाइन
यह परियोजना केवल सैन्य दृष्टि से ही नहीं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। बेहतर रेल संपर्क से व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही आपूर्ति श्रृंखलाएं अधिक भरोसेमंद होंगी, जिससे पूर्वोत्तर राज्यों का देश के बाकी हिस्सों से जुड़ाव और मजबूत होगा।