कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के एक हालिया बयान ने सियासी हलकों में जोरदार हलचल मचा दी है। चिदंबरम ने पहलगाम आतंकी हमले पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की कार्यशैली और केंद्र सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि हमलावरों के पाकिस्तान से आने का क्या सबूत है और क्या यह मुमकिन नहीं कि हमलावर देश के ही नागरिक हों? उनके इस बयान पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
चिदंबरम का सवाल: आतंकी पाकिस्तान से ही क्यों माने जा रहे हैं?
चिदंबरम ने अपने बयान में कहा कि जब तक NIA इस बात का सबूत न दे कि आतंकी पाकिस्तान से ही आए थे, तब तक इस तरह की धारणा गलत है। उन्होंने पूछा कि एजेंसी ने अब तक क्या कार्रवाई की है? क्या आतंकियों की पहचान हुई? या फिर यह भी मुमकिन है कि वे देश के ही कट्टरपंथी तत्व हों।
‘सरकार ऑपरेशन सिंदूर पर क्यों चुप है?’
पूर्व मंत्री ने केंद्र सरकार से यह भी सवाल किया कि ऑपरेशन सिंदूर पर प्रधानमंत्री क्यों चुप हैं। उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र का मंदिर है और वहां इस मुद्दे पर खुली बहस होनी चाहिए। उन्होंने यह भी तंज कसा कि युद्धविराम की घोषणा भारत ने नहीं बल्कि डोनाल्ड ट्रंप ने की थी।
भाजपा का पलटवार: कांग्रेस पाकिस्तान की भाषा बोल रही है
चिदंबरम के बयान पर भाजपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा देशविरोधी ताकतों के पक्ष में खड़ी रहती है। उन्होंने कांग्रेस पर ‘गद्दारी’ तक के आरोप लगा दिए और कहा कि ऐसे बयान आतंकियों का मनोबल बढ़ाते हैं।
लोकसभा में चर्चा से पहले आया बयान, समय पर उठे सवाल
चौंकाने वाली बात यह रही कि यह बयान संसद में पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा से कुछ ही घंटे पहले आया। भाजपा नेताओं ने इसे सोची-समझी रणनीति करार दिया और सवाल किया कि अगर चर्चा संसद में होनी है तो चिदंबरम ने मीडिया में बयान क्यों दिया?