Cough Syrup Case: कोडीन कफ सिरप मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त तेवर देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने कहा शुभम जायसवाल और उसके करीबियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। वहीं वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने सोनभद्र और अन्य शहरों में फरार शुभम के करीबियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शुभम और उसके करीबियों की संपत्ति की निगरानी बढ़ा दी गई है। पिछले दिनों शुभम पर इनाम की राशि 25000 से बढ़ाकर 50,000 की जा चुकी है। वहीं, रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी हो चुका है। अब वाराणसी पुलिस शुभम और उसके परिवार की 38 करोड़ की संपत्तियों को जांच के दायरे में लाने के साथ ही जब्त करने की कार्रवाई शुरू कर रही है।
38 करोड़ की संपत्ति को जब्त किया जाएगा
डीसीपी गौरव बंसवाल का कहना है कि पुलिस कार्रवाई शुरू करेगी। भोला प्रसाद, उनकी पत्नी और बेटी के नाम दर्ज 38 करोड़ की संपत्ति को जब्त किया जाएगा। शुभम फरार है। ये संपत्ति शुभम और उसके परिवार के नाम पर दर्ज है। कोतवाली पुलिस इसे जब्त करने की तैयारी कर रही है। उनका कहना है कि इसके लिए कोर्ट से आर्डर मिल चुका है। जल्द ही इस दिशा में कार्रवाई शुरू होने जा रही है।
शुभम के कई करीबी पुलिस की रडार पर
शुभम के साथ ही उसके कई करीबी पुलिस के रडार पर हैं। उनकी तलाश के लिए यूपी के कई शहरों में छापेमारी चल रही है। शुभम के पिता भोला प्रसाद जायसवाल कोलकाता से गिरफ्तार हो चुके हैं। उनकी पत्नी शारदा जायसवाल, बेटी प्रगति जायसवाल और बेटे शुभम जायसवाल के साथ ही शुभम की पत्नी वैशाली के नाम दर्ज 38 करोड़ की संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई होनी है। डीसीपी का कहना है कि नशीले कोडीन युक्त सिरप के मुख्य आरोपी के तौर पर शुभम की तलाश की जा रही है और उसको नोटिस भी जारी किया जा चुका है।
एसटीएफ के साथ एंटी नाकोटिक्स भी जांच में जुटी
एसटीएफ के साथ ही एंटी नाकोटिक्स की टीम भी उसकी तलाश में जुटी है। फिलहाल वाराणसी समेत पूर्वांचल के अलग-अलग हिस्सों में फैले इस नशीले सिरप के कारोबार की जांच जारी है। 9 दिसंबर को कफ सिरप माफिया शुभम जायसवाल के करीबी और बिजनेस पार्टनर मनोज कुमार जायसवाल के गोदाम पर छापा मारा गया था। वहां से लगभग 60 लाख रुपए कीमत के नशीले सिरप बरामद हुए थे। इस मामले में कई फर्मों के लाइसेंस निरस्त करने के बाद तीन और फर्मों का लाइसेंस बुधवार को भी निरस्त किए जाने की संस्तुति की गई है। सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन पीसी रस्तोगी का कहना है कि बुधवार को तीन फर्मों के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। जैसे-जैसे जांच की कार्रवाई आगे बढ़ती जाएगी वैसे-वैसे और भी फर्म रडार पर आएंगी। नोटिस के साथ ही नियमानुसार लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल इस मामले में मुख्यमंत्री की तरफ से कड़े तेवर दिखाने के बाद जांच एजेंसियों ने बनारस के पीजी कॉलेज के छात्र नेताओं को भी रडार पर लिया है।
100 से ज्यादा मोबाइल नंबरों की जांच
डीसीपी गौरव बंसवाल का कहना है कि फिलहाल 100 से ज्यादा मोबाइल नंबरों की जांच के बाद कोतवाली थाने में कई लोगों पर नाम बढ़ाए जाने की तैयारी भी की जा रही है। 40 फर्म संचालकों पर प्राथमिक की दर्ज किए जाने के साथ ही 22 ड्रग लाइसेंस निरस्त किए जा चुके हैं। वाराणसी समेत आसपास के जिलों में 100 से अधिक फॉर्म में चिन्हित हुई है जो शुभम की एजेंसी के जरिए कफ सिरप की खरीद में शामिल थे।