अहमदाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बहुत ही दर्दनाक विमान हादसा हुआ। लंदन जाने वाली एअर इंडिया की फ्लाइट AI-171, टेकऑफ के दो मिनट बाद क्रैश हो गई। हादसे के वक्त विमान में कुल 242 यात्री सवार थे, जिनमें गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी शामिल बताए जा रहे हैं।
विमान बोइंग 787 ड्रीमलाइनर था, जो दोपहर 1:38 बजे अहमदाबाद से लंदन के लिए रवाना हुआ था। टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद विमान में तकनीकी गड़बड़ी की आशंका जताई गई, जिसके बाद पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को Mayday Call दी। लेकिन इसके बाद विमान का संपर्क टूट गया और वह एयरपोर्ट के समीप एयर कस्टम कार्गो ऑफिस के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
क्या होती है Mayday Call?
Mayday Call एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित आपातकालीन सिग्नल है, जिसका उपयोग तब किया जाता है जब विमान या जहाज बेहद गंभीर संकट में हो—जैसे तकनीकी फेलियर, आग लगना या दुर्घटना का खतरा। पायलट रेडियो पर 3 बार “Mayday, Mayday, Mayday” कहकर तुरंत मदद की अपील करता है।
Mayday शब्द की शुरुआत कैसे हुई?
इस शब्द की शुरुआत 1923 में लंदन के क्रॉयडन एयरपोर्ट पर हुई थी। वहां के रेडियो ऑफिसर फ्रेडरिक मॉकफोर्ड ने इसे फ्रेंच शब्द "m’aider" (मतलब – मेरी मदद करो) से प्रेरित होकर गढ़ा था। वर्ष 1948 में इसे अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिली, जिससे हर देश में आपातकाल के समय एक ही शब्द का प्रयोग किया जा सके।
सिर्फ पायलट ही नहीं, और भी करते हैं इसका इस्तेमाल
इसका इस्तेमाल समुद्री जहाज, फायर ब्रिगेड, पुलिस और कई देशों में रोड ट्रांसपोर्ट एजेंसियां भी करती हैं। अगर संकटग्रस्त विमान या जहाज का रेडियो काम नहीं कर रहा , तो पास मौजूद अन्य विमान या जहाज उसकी ओर से Mayday Relay Call भेजते हैं।
अमेरिका जैसे देशों में झूठी Mayday Call करने पर 6 साल तक की जेल और 2.5 लाख डॉलर (करीब 2 करोड़ रुपये) तक का जुर्माना हो सकता है।
फिलहाल हादसे में जान-माल के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। राहत एवं बचाव कार्य जारी है और विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है।