Chhatarpur incident: मासूम बच्चों की मौत से गांव में गूंजा सन्नाटा। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। खेत में भरे बारिश के पानी में डूबने से एक ही परिवार के तीन मासूम भाई-बहनों की मौत हो गई। स्कूल से लौटकर खेत में आम का पौधा लगाने गए ये बच्चे खेलते-खेलते पोखर में जा गिरे और डूब गए। हादसे के बाद गांव में मातम का माहौल है, जबकि पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
खेत में पौधा लगाने गए थे बच्चे
यह हादसा छतरपुर जिले के प्रकाश बम्होरी थाना क्षेत्र अंतर्गत हटवा गांव में हुआ। मृतकों में 10 वर्षीय लक्ष्मी, 8 वर्षीय तनु और 4 वर्षीय लोकेंद्र शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, तीनों बच्चे स्कूल से लौटने के बाद खेत में आम का पेड़ लगाने पहुंचे थे। खेत के पास ही बारिश से भरी एक गहरी पोखर थी, जहां खेलते-खेलते तीनों मासूम फिसलकर गहराई में चले गए और डूब गए।
मौके पर पहुंची पुलिस, शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से बच्चों के शवों को बाहर निकाला गया। इसके बाद पंचनामा तैयार कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। गांव वालों के मुताबिक, खेत के पास बनी पोखर पर किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी।
गांव में पसरा मातम, हर आंख नम
तीन मासूम बच्चों की एक साथ मौत से गांव में सन्नाटा पसर गया है। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ पीड़ित परिवार के घर पर जुट गई। हर कोई इस हृदयविदारक हादसे से स्तब्ध है। मृतकों के परिजन गहरे सदमे में हैं और गांव में हर आंख नम है। स्थानीय प्रशासन द्वारा संवेदना व्यक्त की गई है और परिवार को मदद का आश्वासन दिया गया है।
छोटे से खेल में बदल गई जिंदगी
बचपन की मासूमियत कब हादसे में बदल जाए, कोई नहीं जानता। आम का पेड़ लगाने का सपना लेकर खेत पहुंचे ये तीन बच्चे कभी लौट कर नहीं आए। यह हादसा ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा और जागरूकता की कमी की ओर इशारा करता है, जहां बच्चों के खेलने या काम में जाने के दौरान खतरों को नजरअंदाज कर दिया जाता है।