मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में बाल विवाह का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां 13 साल की उम्र में एक मासूम की जबरन शादी कर दी गई और 15 साल की उम्र में उसने बच्चे को जन्म दिया। मामला तब उजागर हुआ जब मेडिकल कॉलेज में प्रसव के दौरान डॉक्टरों को लड़की की उम्र पर शक हुआ। जांच में सच्चाई सामने आते ही पुलिस ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम और POCSO एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई शुरू की है।
13 की उम्र में कराई शादी, 15 में बना दी मां
कटंगी थाना क्षेत्र में रहने वाली नाबालिग लड़की के साथ यह अमानवीय घटना हुई। जुलाई 2023 में लड़की के माता-पिता, नानी और मामा ने मिलीभगत से उसकी शादी एक युवक से कर दी। शादी के बाद लड़की ससुराल चली गई। नाबालिग होने के बावजूद परिवार वालों ने उसकी पढ़ाई छुड़वाकर उसे वैवाहिक जिम्मेदारियों में झोंक दिया।
प्रसव के दौरान खुला राज
हाल ही में लड़की ने मेडिकल कॉलेज में बच्चे को जन्म दिया। प्रसव के दौरान डॉक्टरों को उसके उम्र को लेकर संदेह हुआ। जांच में आधार कार्ड और मेडिकल रिपोर्ट से पता चला कि उसकी उम्र केवल 15 साल है। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने तुरंत कटंगी थाने को सूचना दी।
POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने जांच करते हुए नाबालिग का बयान दर्ज किया। लड़की ने बताया कि शादी के लिए उसे जबरन मजबूर किया गया था। पुलिस ने उसके माता-पिता, पति, नानी, सास और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोपियों पर बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम और POCSO एक्ट के तहत गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
बाल विवाह पर समाज के लिए सबक
यह मामला समाज के उस काले पहलू को उजागर करता है, जहां आज भी बाल विवाह जैसी प्रथाएं जारी हैं। नाबालिग लड़कियों की पढ़ाई और बचपन छीनकर उन्हें विवाह और मातृत्व की जिम्मेदारियों में धकेल देना एक गंभीर अपराध है। पुलिस की सख्त कार्रवाई इस दिशा में चेतावनी साबित हो सकती है।