China and North Korea: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की कथित हत्या के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। चीन ने इस हमले को अस्वीकार्य बताते हुए कड़ी निंदा की है। वहीं उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने भी ईरान के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाई की आलोचना की है। इस घटनाक्रम से मध्य-पूर्व में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
चीन की कड़ी आपत्ति
चीन के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता पर हमला उसकी संप्रभुता और सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन है। चीन ने इसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों के खिलाफ बताया। बीजिंग ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी देश के खिलाफ इस तरह की सैन्य कार्रवाई का समर्थन नहीं करता।
सैन्य कार्रवाई रोकने की अपील
चीन ने सभी पक्षों से संयम बरतने और तत्काल सैन्य अभियान रोकने की अपील की है। उसका कहना है कि बढ़ता तनाव न केवल मध्य-पूर्व बल्कि वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए भी खतरा बन सकता है। चीन ने कूटनीतिक समाधान पर जोर देते हुए संवाद के माध्यम से विवाद सुलझाने की आवश्यकता बताई।
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उत्तर कोरिया का तीखा बयान
उत्तर कोरिया ने भी ईरान के खिलाफ की गई कार्रवाई को अवैध आक्रमण करार दिया। प्योंगयांग ने अमेरिका पर वर्चस्ववादी रवैया अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि यह कदम क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ावा देगा। उत्तर कोरिया ने ईरान के साथ एकजुटता जताई।
हमले में बढ़ा क्षेत्रीय तनाव
रिपोर्टों के अनुसार, ईरान पर हुए संयुक्त हमले में खामेनेई सहित कई लोगों की जान गई है। इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब हालात को नियंत्रण में रखने और व्यापक संघर्ष टालने की कोशिशों पर नजर बनाए हुए है।