चीन ने अपने अंतरिक्ष इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है। शुक्रवार देर रात ‘उ-21’ अंतरिक्ष यान ने उत्तर-पश्चिमी चीन के जिउक्वान प्रक्षेपण केंद्र से उड़ान भरते हुए तियानहे कोर मॉड्यूल से सफलतापूर्वक जुड़ने में सफलता हासिल की। यह मिशन चीन के दीर्घकालिक स्पेस स्टेशन प्रोग्राम में नई ऊर्जा भरने वाला साबित हुआ है। तीन सदस्यीय दल अगले छह महीनों तक अंतरिक्ष में वैज्ञानिक प्रयोगों और अनुसंधान कार्यों में व्यस्त रहेगा।
अंतरिक्ष गौरव की नई उड़ान
2003 में पहली मानवयुक्त उड़ान के बाद से चीन ने अंतरिक्ष अनुसंधान में जबरदस्त प्रगति की है। अब ‘उ-21’ मिशन ने देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया है। यह प्रक्षेपण स्थानीय समयानुसार रात 11:44 बजे हुआ और कुछ ही घंटों में अंतरिक्ष यान तियानहे मॉड्यूल से जुड़ गया। इस मिशन ने चीन को विश्व की अग्रणी अंतरिक्ष शक्तियों में और मजबूत स्थान दिलाया है।
तीन सदस्यीय दल की कमान झांग लू के हाथों में
इस मिशन की कमान अनुभवी अंतरिक्ष यात्री झांग लू के पास है, जिन्होंने पहले भी शेनझोउ-15 अभियान में भाग लिया था। उनके साथ दो नए चेहरे हैं—32 वर्षीय इंजीनियर वू फेई और वैज्ञानिक झांग होंगझांग। वू फेई अब तक के चीन के सबसे युवा अंतरिक्ष यात्री बन गए हैं। झांग होंगझांग पहले नई ऊर्जा और सामग्री विज्ञान में शोध कर चुके हैं।
तियानगोंग स्टेशन बनेगा ‘यूटोपिया’
प्रक्षेपण से पहले झांग लू ने कहा कि उनका दल तियानगोंग स्टेशन को “यूटोपिया” में बदलेगा, जहां वे विज्ञान के साथ-साथ बागवानी, ताई-ची और कविता जैसी गतिविधियां भी करेंगे। उनका उद्देश्य अंतरिक्ष में मानवीय जीवन की संभावनाओं को और करीब से समझना है।
27 वैज्ञानिक प्रयोग और ‘स्पेस माउस’
छह माह के मिशन के दौरान दल 27 वैज्ञानिक परियोजनाओं पर काम करेगा, जिनमें बायोटेक्नोलॉजी, एयरोस्पेस मेडिसिन और मटेरियल साइंस शामिल हैं। खास बात यह है कि चीन पहली बार चार चूहों (दो नर और दो मादा) को अंतरिक्ष में भेज रहा है, ताकि शून्य गुरुत्वाकर्षण में उनके व्यवहारिक बदलावों का अध्ययन किया जा सके।