बिहार के चुनावी दंगल में जिस नाम ने सबसे ज़्यादा धमाका किया है, वह है चिराग पासवान। जिस 'रौशनी' का उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से वादा किया था, वह पूरे बिहार में फैल चुकी है। नतीजों ने साफ कर दिया कि चिराग सिर्फ सीटें नहीं जीते, बल्कि उन्होंने विरोधियों की कमर तोड़कर रख दी। NDA की ऐतिहासिक बढ़त में LJP(RV) का स्ट्राइक रेट सबसे बड़ा फैक्टर बनकर उभरा। 29 में से 23 सीटों पर बढ़त… यह आंकड़ा ही बताता है कि किस तरह चिराग पासवान NDA के असली 'फिनिशर' बन गए हैं। बीजेपी और जेडीयू जहां ओपनिंग जोड़ी बनकर खेले, वहीं आखिरी ओवरों में चिराग ने मैच हाथ से निकलने नहीं दिया। उनकी इस पारी ने विपक्ष में ऐसी घबराहट फैलाई कि लालू परिवार भी संभल नहीं पाया।
लालू के ‘लाल’ का हुआ बुरा हाल,
चुनावी मैदान में चिराग का तूफ़ान ऐसा था कि लालू के दोनों लाल तेजस्वी और तेजप्रताप राजनीतिक बवंडर में फंस गए। महुआ सीट पर तेजप्रताप यादव की करारी हार ने लालू परिवार की दशकों की पकड़ हिला दी। परिणाम आते ही तेजप्रताप का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अपने ही भाई तेजस्वी को 'फेलस्वी' कहकर बवाल खड़ा कर दिया। यह पहली बार है जब लालू परिवार की अंदरूनी फूट सार्वजनिक तौर पर इतनी भयावह दिखी। तेजस्वी के 18 नवंबर को सीएम बनने वाले बयान को जनता ने न सिर्फ खारिज किया बल्कि चिराग पासवान ने भी उसी बयान पर तीखा वार करते हुए उन्हें जमीन हकीकत दिखा दी। चिराग ने इशारों ही इशारों में कहा जनादेश बहुत कुछ कहता है। जनता ने सपनों पर नहीं, काम पर मुहर लगाई है।
मोदी-नीतीश को दिया श्रेय, विपक्ष पर दिया बड़ा हमला
NDA की प्रचंड जीत के बाद चिराग पासवान का चेहरा खुशी से दमक रहा था। उन्होंने कहा कि यह जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अनुभव की जीत है। उनके अनुसार, अगले पाँच साल में बिहार में विकास की रफ्तार दोगुनी होगी और जनता को बेहतर प्रशासन मिलेगा। उन्होंने साफ कहा कि बिहार की जनता ने एक मजबूत संदेश दे दिया है एनडीए पर भरोसा कायम है और जंगलराज की राजनीति को दोबारा मौका नहीं मिलेगा। चिराग के अनुसार यह जीत उन सभी सवालों का जवाब है जो विरोधियों द्वारा नीतीश कुमार की सेहत, दो दशकों की NDA सरकार के काम, जंगलराज के खतरे और उनके अपने “Bihar First, Bihari First” विज़न पर उठाए जा रहे थे
चिराग का बयान जिसने विपक्ष की कमर तोड़ी
जब चिराग से तेजस्वी यादव के 18 नवंबर शपथ वाले बयान पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा जनता ने फैसला कर दिया है कि बिहार में कौन शपथ लेगा और कौन नहीं। सपने देखना अच्छी बात है, लेकिन बिना मेहनत के सपने पूरे नहीं होते उनका यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और विपक्ष की बोलती बंद कर दी। चिराग ने यह भी कहा कि जनता NDA की नीतियों, सुरक्षा और विकास पर भरोसा करती है और यही भरोसा इस चुनाव में सबसे बड़ा हथियार साबित हुआ। उनका यह तेवर बताता है कि बिहार की राजनीति में अब चिराग पासवान सिर्फ उभरता चेहरा नहीं, बल्कि भविष्य का रणनीतिक खिलाड़ी बन चुके हैं।