Chitrakoot Flood---धर्मनगरी चित्रकूट में मंदाकिनी नदी ने शनिवार को ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि रामघाट से लेकर हनुमान धारा तक कई इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। तेज बहाव के चलते नदी का पानी रिहायशी इलाकों और बाजारों तक पहुंच गया। हालात का जायजा लेने रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव चित्रकूट पहुंचे। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और राहत शिविर में पहुंचकर प्रभावित लोगों से मुलाकात की।
बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नगर परिषद की ओर से टीआईसी बिल्डिंग में बनाए गए राहत शिविर का दौरा किया। उन्होंने वहां मौजूद बाढ़ प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी परेशानियां जानीं। इस दौरान लोगों को सूखा राशन, भोजन और जरूरत की अन्य राहत सामग्री भी उपलब्ध कराई गई।
मंदाकिनी के उफान से बिगड़े हालात
शनिवार को मंदाकिनी नदी का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ गया। नदी के तेज बहाव ने चित्रकूट के कई हिस्सों को प्रभावित किया। बाजारों और रिहायशी क्षेत्रों में पानी पहुंचने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। कई लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों की ओर जाना पड़ा।
हनुमान धारा का पुराना पुल बहा
मंदाकिनी के तेज बहाव का असर हनुमान धारा पहुंच मार्ग पर भी देखने को मिला। नदी के दबाव में वहां बना पुराना पुल टूटकर बह गया। पुल के क्षतिग्रस्त होने से आवागमन प्रभावित हुआ है। घटना के बाद प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्र में हालात पर नजर रखी जा रही है।
ग्राउंड जीरो पर हालात का जायजा
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री खुद चित्रकूट पहुंचे और प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से मौके पर राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली। प्रभावित लोगों से बातचीत के दौरान उनकी समस्याओं को समझने और जरूरी सहायता उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
अब धीरे-धीरे घट रहा नदी का जलस्तर
बारिश रुकने के बाद अब मंदाकिनी नदी के जलस्तर में धीरे-धीरे कमी आने लगी है। इससे प्रशासन और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में हालात पूरी तरह सामान्य होने में समय लग सकता है। प्रशासन की निगरानी और राहत व्यवस्था फिलहाल जारी है।