चित्रकूट में भारी बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात ने लोगों के साथ रेलवे के लिए भी मुश्किल खड़ी कर दी है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से चर्चा में है, जिसमें पानी से डूबी रेलवे पटरी पर एक रेलकर्मी लाल झंडी लेकर ट्रेन के आगे चलता दिखाई दे रहा है। उसके पीछे ट्रेन बेहद धीमी रफ्तार से आगे बढ़ती नजर आती है। इस वीडियो ने रेलकर्मियों की जिम्मेदारी और मुश्किल हालात में उनकी ड्यूटी को लेकर लोगों का ध्यान खींचा है।
भारी बारिश से बिगड़े हालात
चित्रकूट और आसपास के इलाकों में लगातार बारिश के बाद कई जगह पानी भर गया। मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में भी पानी पहुंचा। इसका असर रेलवे ट्रैक पर भी देखने को मिला। कुछ हिस्सों में पानी भरने के कारण रेल यातायात को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी।
पानी के बीच आगे चला कर्मचारी
वायरल वीडियो में रेलवे का कर्मचारी पानी से भरी पटरी पर ट्रेन के आगे चलता दिखाई देता है। उसके हाथ में लाल झंडी नजर आती है। वह ट्रेन को सावधानी से आगे बढ़ाने में मदद करता दिख रहा है। पानी की गहराई और ट्रैक की स्थिति को देखते हुए ट्रेन की गति काफी कम रखी गई थी। ऐसे समय में ट्रैक की स्थिति पर नजर रखना बेहद जरूरी होता है।
ट्रेन की रफ्तार रखी गई धीमी
जलभराव वाले रेलवे ट्रैक पर सामान्य गति से ट्रेन चलाना जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए ऐसे हालात में रेलवे की ओर से ट्रैक की जांच और निगरानी पर खास ध्यान दिया जाता है। वायरल वीडियो में भी ट्रेन को धीरे-धीरे आगे बढ़ते देखा जा सकता है। हालांकि, वीडियो के हर हिस्से से यह तय नहीं किया जा सकता कि कर्मचारी की पूरी ड्यूटी क्या थी।
कई ट्रेनों पर पड़ा असर
भारी बारिश और जलभराव का असर इस रेल मार्ग पर चलने वाली ट्रेनों पर भी पड़ा। कुछ ट्रेनों को रोकने, उनका रास्ता बदलने या धीमी गति से चलाने जैसी सावधानियां अपनाई गईं। रिपोर्टों के अनुसार, कई यात्री और मालगाड़ियां प्रभावित हुईं। रेलवे की टीमें संवेदनशील जगहों पर हालात की निगरानी में लगी रहीं।
वीडियो ने खींचा लोगों का ध्यान
रेलवे कर्मचारी का पानी में उतरकर ट्रेन के आगे चलना सोशल मीडिया पर लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। कई लोग कर्मचारी की ड्यूटी और हिम्मत की तारीफ कर रहे हैं। वहीं, ऐसी परिस्थितियों में रेलवे कर्मचारियों और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। चित्रकूट में प्रशासन की ओर से भी बाढ़ प्रभावित इलाकों पर नजर रखी जा रही है। ऐसे समय में सबसे जरूरी बात यही है कि रेल यातायात को ट्रैक की पूरी सुरक्षा जांच के बाद ही सामान्य गति से चलाया जाए।