chitrakoot-mandakini-river-flood ----मध्य प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश से कई इलाकों में हालात बिगड़ गए हैं। सतना और चित्रकूट में बाढ़ का असर सबसे ज्यादा दिखाई दे रहा है। मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। रामघाट की दुकानें और होटल पानी में डूब गए हैं, जबकि तेज बहाव में एक नाविक बह गया। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज करते हुए लोगों से नदी-नालों से दूर रहने की अपील की है।
मंदाकिनी में बहा नाविक, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी उफान पर है। तेज बहाव की चपेट में आने से एक नाविक नदी में बह गया। बताया जा रहा है कि वह आरोग्यम धाम की तरफ से रामघाट की ओर बहता चला गया। खुद को बचाने के लिए नाविक मदद की गुहार लगाता रहा। उसका वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह तेज बहाव में बहता नजर आ रहा है। फिलहाल उसकी तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
रामघाट में 400 दुकानें और होटल डूबे
मंदाकिनी की बाढ़ से रामघाट इलाके में हालात गंभीर बने हुए हैं। करीब 400 दुकानें और 20 से 25 होटल पानी में डूब गए हैं। कामदगिरि परिक्रमा पथ पर भी पानी भर गया है। श्रद्धालुओं को पानी पार कराने के लिए हाथ ठेलों का सहारा लिया जा रहा है। बारिश रुकने के बाद नदी का जलस्तर धीरे-धीरे कम होना शुरू हुआ है, लेकिन बहाव अभी भी तेज है।
सतना के 36 गांव अलर्ट, रास्ते भी प्रभावित
सतना में सिमरावल नदी का जलस्तर बढ़ने से 36 गांवों को अलर्ट किया गया है। मझगवां के पालदेव में घरों और सड़कों पर पानी भर गया है। डेंगरहट-खोड़री पुल धंसने और मझगवां-पहाड़ीखेड़ा मार्ग बंद होने से आवागमन प्रभावित हुआ है। वहीं मैहर में नदी-नाले उफान पर होने के कारण स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है।
कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम के बिगड़े मिजाज को देखते हुए उमरिया और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, कटनी, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, जबलपुर, मंडला, सिवनी और छिंदवाड़ा में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
प्रशासन ने संभाला मोर्चा, राहत शिविरों का जायजा
चित्रकूट में बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। कलेक्टर सतीश कुमार एस. ने प्रभावित क्षेत्रों और राहत शिविरों का दौरा कर आश्रय, भोजन और पेयजल की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। उधर, खजुराहो के रानेह फॉल्स में बारिश के बाद पानी का बहाव बढ़ गया है और झरना बेहद आकर्षक नजर आ रहा है। हालांकि तेज बहाव को देखते हुए पर्यटकों को सावधानी बरतने की जरूरत है।