Îअमेरिका-ईरान शांति डील को लेकर ट्रंप प्रशासन में दो मत सामने आए हैं। CIA की सीक्रेट रिपोर्ट और ईरान के सख्त रुख ने व्हाइट हाउस की नींद उड़ा दी है। ट्रंप बोले "रविवार को डील साइन होगी",मगर ईरान बोला "ऐसी कोई डील नहीं हुई है"।
CIA की रिपोर्ट ने खोली पोल
ट्रंप ने 13 अप्रैल को होर्मुज के बाहर नौसैनिक नाकेबंदी कर दावा किया था कि ईरान की इकोनॉमी टूट जाएगी। वहीं CIA ने बताया कि ईरान 70% यूरेनियम भंडार बचाने में कामयाब रहा, वो तेल टैंकरों में स्टोर कर रहा है और उत्पादन कंट्रोल करके कुओं को बचा रहा है।
आर्थिक नाकेबंदी से ईरान नहीं झुकेगा
CIA का आकलन है कि ईरानी नेतृत्व पहले से ज्यादा कट्टर, संगठित और लंबे संघर्ष के लिए तैयार है। एक अमेरिकी अधिकारी बोले- ईरान की सहन क्षमता CIA के अनुमान से भी ज्यादा हो सकती है। इजरायली खुफिया अफसर डैनी सिट्रिनोविज बोले- "सिर्फ आर्थिक नाकेबंदी से ईरान नहीं झुकेगा। तेहरान को लगता है कि वो अमेरिकी राजनीतिक इच्छाशक्ति से ज्यादा टिक सकता है"।
किसी भी हस्ताक्षर से इनकार कर दिया
ट्रंप ने 14 जून को कहा, "रविवार को ऐतिहासिक समझौता साइन होगा, होर्मुज खोल दिया जाएगा"। IRGC ने रविवार को किसी भी हस्ताक्षर से इनकार कर दिया। ट्रंप बोले "ईरान संवर्धित यूरेनियम सौंपने को तैयार है"। ईरान ने तुरंत खारिज किया - "यूरेनियम कहीं नहीं जाएगा। बातचीत में ये मुद्दा उठा ही नहीं"।
ईरानी मीडिया ने MoU लीक किया- अमेरिका नाकेबंदी हटाएगा, ईरान होर्मुज खोलेगा। व्हाइट हाउस भड़का- "ये फर्जी है। ऐसी कोई डील नहीं"। ट्रंप आग-बबूला। ईरान ने साफ कर दिया कि बिना शर्त माने डील नहीं। ईरान ने युद्ध से तबाह अर्थव्यवस्था के लिए 300 बिलियन डॉलर मांगे। "आधी फ्रीज संपत्ति तुरंत रिलीज करो"।
होर्मुज पर कंट्रोल
30 दिन में होर्मुज ईरान की व्यवस्था के तहत खुलेगा। अमेरिका को नौसैनिक नाकेबंदी और सेना हटानी होगी। भविष्य में हमला न करने की लिखित गारंटी। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान बोले- "अमेरिका तानाशाही छोड़े और ईरानी के अधिकारों का सम्मान करे, तभी डील होगी"।