केंद्र सरकार ने फरवरी 2026 से सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर नई एक्साइज ड्यूटी लगाने का ऐलान किया है। यह ड्यूटी पहले से लागू 40 प्रतिशत जीएसटी के ऊपर होगी। जैसे ही यह खबर सामने आई, तंबाकू कंपनियों के शेयरों में तेज बिकवाली शुरू हो गई। ITC और गॉडफ्रे फिलिप्स जैसे बड़े शेयर दो कारोबारी दिनों में 20 प्रतिशत से ज्यादा टूट गए। बाजार को डर है कि टैक्स बढ़ने से इन कंपनियों की बिक्री और मुनाफे पर सीधा असर पड़ेगा।
ITC शेयरों में दो दिन में भारी गिरावट
आईटीसी लिमिटेड के शेयरों में गिरावट सबसे ज्यादा चर्चा में रही। गुरुवार को शेयर करीब 10 प्रतिशत टूटे और शुक्रवार को भी लगभग 4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। शेयर 349 रुपये प्रति शेयर के आसपास कारोबार करता दिखा और इंट्राडे में 345.25 रुपये के निचले स्तर तक पहुंच गया। आईटीसी का 52 हफ्ते का उच्च स्तर 471.50 रुपये रहा है, ऐसे में मौजूदा गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इस गिरावट के चलते कंपनी का मार्केट कैप भी घटकर करीब 4.55 लाख करोड़ रुपये रह गया है।
ये भी पढ़ें : नए साल की धमाकेदार शुरुआत, Nifty रिकॉर्ड हाई पर, Sensex बैंकिंग शेयरों की रफ्तार ने निवेशकों को चौंकाया
LIC को लगा सबसे बड़ा झटका
आईटीसी में भारतीय जीवन बीमा निगम की बड़ी हिस्सेदारी होने के कारण नुकसान का असर एलआईसी पर भी साफ दिखा। सितंबर तक एलआईसी की आईटीसी में 15.86 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। दो दिनों की गिरावट में एलआईसी की इस हिस्सेदारी की वैल्यू करीब 11 हजार करोड़ रुपये घट गई। बुधवार को जहां आईटीसी में एलआईसी की हिस्सेदारी करीब 80 हजार करोड़ रुपये की थी, वहीं अब यह घटकर लगभग 69 हजार करोड़ रुपये के आसपास आ गई है। एलआईसी पिछले कई सालों से आईटीसी में अपनी हिस्सेदारी लगभग इसी दायरे में बनाए हुए है।
ब्रोकरेज की चेतावनी और आगे की चिंता
ब्रोकरेज फर्मों ने भी इस फैसले को आईटीसी के लिए नकारात्मक बताया है। उनका कहना है कि अगर एक्साइज ड्यूटी की दरें लागू होती हैं, तो कंपनी की आय और उत्पाद बिक्री पर दबाव पड़ेगा। इसी वजह से एक प्रमुख ब्रोकरेज ने आईटीसी की रेटिंग को घटा दिया है। पहले जहां सितंबर 2026 तक 475 रुपये का टारगेट दिया गया था, वहीं अब दिसंबर 2026 के लिए इसे घटाकर 350 रुपये कर दिया गया है। बाजार में फिलहाल यही चिंता है कि टैक्स बढ़ोतरी का असर आने वाले महीनों में शेयरों पर और दबाव बना सकता है।