CJI directs to address vacant: देश की न्यायपालिका में लंबित रिक्तियों को लेकर सख्ती दिखाते हुए सीजेआई सूर्यकांत ने सभी उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों को पत्र लिखा है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि न्यायाधीशों के खाली पदों को जल्द से जल्द भरा जाए और नियुक्ति प्रक्रिया में देरी न हो। इसके साथ ही उन्होंने न्यायपालिका में विविधता बढ़ाने पर भी जोर दिया।
महिला जजों पर खास फोकस
सीजेआई ने अपने पत्र में विशेष रूप से महिला न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने की जरूरत बताई है। उन्होंने हाईकोर्ट कॉलेजियम से कहा कि योग्य महिला वकीलों को नियुक्ति में प्राथमिकता दी जाए और इसे अपवाद नहीं बल्कि सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जाए।
चयन प्रक्रिया को करें व्यापक
सीजेआई ने सुझाव दिया कि कॉलेजियम अपने चयन दायरे को बढ़ाएं और उन महिला अधिवक्ताओं के नामों पर भी विचार करें, जो सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस कर रही हैं। इससे न्यायपालिका में अनुभव और विविधता दोनों बढ़ेंगी।
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रिक्त पदों पर चिंता
आंकड़ों के अनुसार, उच्च न्यायालयों में स्वीकृत 1122 पदों के मुकाबले 308 पद खाली हैं। वर्तमान में करीब 814 न्यायाधीश कार्यरत हैं। यह स्थिति न्यायिक कार्यों की गति को प्रभावित कर सकती है, इसलिए समय रहते नियुक्तियां जरूरी मानी जा रही हैं।
महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने की पहल
सरकार के आंकड़ों के मुताबिक 2014 से अब तक 170 महिला न्यायाधीशों की नियुक्ति की गई है, जिनमें से 96 पिछले पांच वर्षों में हुई हैं। सीजेआई का मानना है कि न्यायपालिका में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने से न्यायिक व्यवस्था और मजबूत व संतुलित होगी।