CJI Surya Kant: कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से प्रस्तावित मुलाकात को लेकर नई जानकारी सामने आई है। दोनों नेता कुछ अहम मुद्दों पर सीजेआई से चर्चा करना चाहते थे, लेकिन मुख्य न्यायाधीश ने मुलाकात के अनुरोध को स्वीकार नहीं किया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इसके पीछे चार प्रमुख कारण बताए गए हैं। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस के दोनों वरिष्ठ नेता जिन विषयों को लेकर मुख्य न्यायाधीश से बातचीत करना चाहते थे, उनसे जुड़े मामले पहले ही सर्वोच्च न्यायालय में लंबित हैं। ऐसे में सीजेआई ने व्यक्तिगत मुलाकात के बजाय कानूनी प्रक्रिया के तहत अपनी बात रखने को उचित माना।
किन चार वजहों से नहीं हो सकी मुलाकात?
रिपोर्ट में मुख्य न्यायाधीश की ओर से मुलाकात का अनुरोध स्वीकार नहीं किए जाने के पीछे चार बातें सामने आई हैं।
पहली वजह: कांग्रेस नेता जिन विषयों पर चर्चा करना चाहते थे, उनसे संबंधित मामले पहले से ही सुप्रीम कोर्ट के समक्ष लंबित हैं। ऐसे में अदालत के बाहर इन मुद्दों पर अलग से बातचीत करना उचित नहीं माना गया।
दूसरी वजह: देश की संवैधानिक व्यवस्था में न्यायपालिका और कार्यपालिका की भूमिकाएं निर्धारित हैं। सुप्रीम कोर्ट सरकार के रोजमर्रा के प्रशासनिक कामकाज में सीधे दखल नहीं दे सकता।
तीसरी वजह: यदि किसी नेता को लगता है कि उसके संवैधानिक या मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ है, तो उसके पास न्यायिक रास्ता अपनाने का पूरा अधिकार है। संबंधित पक्ष अदालत में याचिका दाखिल कर अपनी शिकायत रख सकते हैं।
चौथी वजह: इसी तरह के कुछ मामलों की सुनवाई मंगलवार को प्रस्तावित है। ऐसे में कांग्रेस नेताओं की ओर से कोई नई याचिका दाखिल की जाती है, तो उसे भी संबंधित मामलों के साथ सुनवाई के लिए रखा जा सकता है।
खरगे ने किया था सीजेआई से मिलने का ऐलान
इससे पहले रविवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने जानकारी दी थी कि वह राहुल गांधी के साथ 12 अक्टूबर को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से मुलाकात करना चाहते हैं। इस दौरान उनका इरादा देश में लोकतांत्रिक अधिकारों के कथित हनन, विरोध-प्रदर्शन करने वालों पर पुलिस की कार्रवाई और निर्वाचन आयोग से जुड़ी शिकायतों को सामने रखने का था। खरगे ने केंद्र सरकार के कामकाज पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को निशाने पर लेते हुए आरोप लगाया था कि मौजूदा परिस्थितियां देश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति पैदा कर रही हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर प्रदर्शन
दूसरी ओर, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। कांग्रेस लगातार उनके इस्तीफे की मांग उठा रही है। इसी मुद्दे को लेकर विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन किया था।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। शनिवार को संगठन की ओर से दिल्ली में प्रदर्शन किया गया। इस दौरान पुलिस ने अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में ले लिया था।
फिलहाल कांग्रेस नेताओं और मुख्य न्यायाधीश के बीच प्रस्तावित मुलाकात नहीं हो सकी है। रिपोर्ट के मुताबिक, संबंधित मुद्दों पर अपनी बात रखने के लिए नेताओं के पास अदालत में विधिवत याचिका दाखिल करने का विकल्प मौजूद है।