CJP Activates Education: देश की राजनीति में हाल के दिनों में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) नामक संगठन चर्चा का विषय बनी हुई है। दिल्ली में आयोजित अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के नेताओं ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया और अपने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी साझा की। पार्टी का कहना है कि वह छात्रों से जुड़े सवालों और शिक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर अभियान चला रही है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने प्रेस वार्ता के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। उनका दावा है कि इस मांग के समर्थन में देशभर से लाखों लोगों का समर्थन मिला है और बड़ी संख्या में हस्ताक्षर जुटाए गए हैं। पार्टी का कहना है कि शिक्षा क्षेत्र में सामने आए विभिन्न विवादों और चुनौतियों को देखते हुए जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार पर जोर
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी नेताओं ने परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक की घटनाओं और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे मुद्दों को उठाया। उनका कहना है कि इन समस्याओं का सीधा असर छात्रों के भविष्य पर पड़ता है। पार्टी ने मांग की कि परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि विद्यार्थियों का भरोसा मजबूत हो सके।
6 जून को प्रस्तावित मार्च की तैयारी
पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के 6 जून को भारत लौटने के बाद एक मार्च आयोजित करने की योजना बनाई गई है। प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत समर्थक एयरपोर्ट से जंतर-मंतर तक मार्च निकाल सकते हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा और इसके लिए प्रशासन से आवश्यक अनुमति लेने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। हालांकि अनुमति संबंधी कुछ सवालों पर पार्टी ने विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी।
फंडिंग और राजनीतिक संबंधों पर सफाई
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पार्टी की फंडिंग और अन्य राजनीतिक दलों से कथित संबंधों को लेकर भी सवाल पूछे गए। पार्टी ने विदेशी फंडिंग से जुड़े आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उसका अभियान सीमित संसाधनों में चल रहा है। वहीं, संस्थापक के पुराने राजनीतिक जुड़ाव से जुड़े सवालों पर पार्टी ने कहा कि किसी व्यक्ति का पूर्व राजनीतिक अनुभव वर्तमान आंदोलन की दिशा तय नहीं करता। अब सभी की नजर 6 जून के प्रस्तावित प्रदर्शन पर है, जिसमें पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के शामिल होने की संभावना भी जताई जा रही है। इससे इस आंदोलन को अतिरिक्त चर्चा मिल सकती है।