दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। बैठक के बाद संगठन ने सरकार को एक लिखित ज्ञापन सौंपा, जिसमें तीन प्रमुख मांगें रखी गईं। जेपी नड्डा ने बताया कि यह बैठक प्रदर्शनकारियों के अनुरोध पर हुई और सौहार्दपूर्ण माहौल में बातचीत की गई।
पहली मांग- सोनम वांगचुक की रिहाई
CJP ने अपनी पहली मांग में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अस्पताल से तत्काल रिहा करने की बात कही। संगठन का कहना है कि वांगचुक को जल्द प्रदर्शन स्थल पर लौटने की अनुमति दी जानी चाहिए। इस संबंध में सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है।
दूसरी और तीसरी मांग क्या है?
संगठन ने दूसरी मांग के रूप में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग की है। वहीं तीसरी मांग में नीट-यूजी 2026 पेपर लीक के बाद कथित तौर पर जान गंवाने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की गई है। CJP का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में हुई कथित अनियमितताओं के लिए जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
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जेपी नड्डा ने क्या कहा?
बैठक के बाद जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि प्रतिनिधिमंडल के साथ विस्तृत प्रारंभिक चर्चा हुई और बाद में उन्हें लिखित ज्ञापन सौंपा गया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त कर सामान्य स्थिति बहाल करने में सहयोग करने की अपील भी की।
किस मुद्दे पर शुरू हुआ था आंदोलन?
CJP का कहना है कि उसका आंदोलन 6 जून से राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में शुरू हुआ था। संगठन ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक, सीबीएसई कक्षा 12 के पोर्टल में आई तकनीकी दिक्कतों और सीयूईटी परीक्षा में हुई देरी जैसे मामलों को शिक्षा व्यवस्था की गंभीर समस्याओं से जोड़ते हुए कार्रवाई की मांग की है।
सरकार के फैसले पर टिकी नजर
फिलहाल CJP ने अपनी मांगों का ज्ञापन सरकार को सौंप दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार इन मांगों पर क्या रुख अपनाती है। फिलहाल सरकार की ओर से इन मांगों को स्वीकार करने या किसी निर्णय की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।