CJP Protest: दिल्ली में CJP के प्रदर्शन से पहले पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर बड़े स्तर पर अभियान चलाया। लगातार दो दिनों तक राजधानी के 15 जिलों में छापेमारी की गई। इस दौरान कई लोगों को पकड़ा गया। पुलिस ने कुछ को एहतियात के तौर पर हिरासत में रखा, जबकि कुछ लोगों को उनके घरों से बाहर न निकलने देने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस को अंदेशा था कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग माहौल बिगाड़ सकते हैं। इसी आशंका के चलते उन लोगों पर खास नजर रखी गई, जिनके विरोध प्रदर्शन में पहुंचने की संभावना थी। कार्रवाई में कितने लोगों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया और कितनों को एहतियातन रोका गया, इस बारे में फिलहाल कोई स्पष्ट आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
जंतर-मंतर पर पहचान किए गए लोगों पर भी नजर
इस अभियान में उन लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई, जिनकी पहचान 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर FRS सिस्टम की मदद से की गई थी। जानकारी के अनुसार, उस समय चिह्नित किए गए लोगों में से भी सैकड़ों को पकड़ा गया है। पुलिस ने प्रदर्शन से पहले संभावित उपद्रव को रोकने के लिए अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई की।
यह भी पढ़ें: विमान से उतरते ही अभिजीत दिपके के पास पहुंची पुलिस, CJP संस्थापक ने कही बड़ी बात
काउंसलिंग के बाद कुछ लोगों को छोड़ा जा रहा
पुलिस ने पकड़े गए और पूछताछ के लिए बुलाए गए कुछ लोगों की काउंसलिंग भी की। उन्हें बताया गया कि प्रदर्शन के दौरान कानून तोड़ने या हंगामा करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। पुलिस ने कथित तौर पर यह चेतावनी भी दी कि आपराधिक मामला दर्ज होने से करियर पर असर पड़ सकता है और पासपोर्ट से जुड़ी परेशानी भी खड़ी हो सकती है। बताया जा रहा है कि काउंसलिंग के बाद कुछ लोगों को छोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य प्रदर्शन के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना बताया जा रहा है।