कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सरकार की ओर से बातचीत के प्रस्ताव पर नई शर्त रख दी है। संगठन का कहना है कि वह भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास या कार्यालय में बातचीत नहीं करेगा। इसके साथ ही CJP ने 24 जुलाई को देशभर के सभी जिलों में प्रदर्शन करने का आह्वान भी किया है।
जेपी नड्डा के घर बातचीत से किया इनकार
सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा था कि CJP प्रतिनिधियों से बातचीत जेपी नड्डा के आवास या उनके कार्यालय में की जा सकती है। इस पर CJP के प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि संगठन इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करेगा। उनका कहना है कि बातचीत जंतर-मंतर या किसी तटस्थ स्थान पर होनी चाहिए।
24 जुलाई को देशभर में प्रदर्शन का ऐलान
CJP ने सोशल मीडिया के जरिए घोषणा की है कि 24 जुलाई को देश के हर जिले में शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। संगठन ने "Every District. One Day. One Demand" का नारा देते हुए छात्र संगठनों और अन्य समूहों से इस अभियान में शामिल होने की अपील की है।
प्रदर्शन के लिए जारी की गई गाइडलाइन
संगठन ने प्रदर्शन को लेकर एक एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) भी जारी करने की बात कही है। इसमें स्थानीय प्रशासन से आवश्यक अनुमति लेने, शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने और छात्रों की मांगों को सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाने की अपील की गई है।
मुख्य मांगों पर कायम है CJP
CJP का कहना है कि उसकी प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और नीट से जुड़े मुद्दों पर कार्रवाई शामिल है। फिलहाल सरकार की ओर से इन मांगों पर कोई नई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल जारी
रिपोर्ट के अनुसार, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक CJP के समर्थन में भूख हड़ताल पर हैं और स्वास्थ्य कारणों से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आंदोलन से जुड़े कई सामाजिक संगठनों और विपक्षी दलों ने भी प्रदर्शन का समर्थन किया है।
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बातचीत और आंदोलन दोनों पर नजर
एक ओर सरकार बातचीत के जरिए समाधान निकालने की बात कर रही है, वहीं CJP अपने आंदोलन को देशभर में विस्तार देने की तैयारी में है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या दोनों पक्ष किसी साझा मंच पर बातचीत के लिए सहमत होते हैं या आंदोलन आगे और तेज होता है।