केंद्र सरकार और प्रदर्शनकारी संगठन CJP के बीच जारी गतिरोध के बीच बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि CJP के नेताओं ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के साथ प्रस्तावित बातचीत से इनकार कर दिया है। सरकार लगातार संवाद के जरिए समाधान निकालने की बात कह रही है, लेकिन ताजा घटनाक्रम से फिलहाल दोनों पक्षों के बीच सहमति बनती नजर नहीं आ रही है।
सरकार ने दोहराया बातचीत का प्रस्ताव
सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार CJP के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर विवाद का समाधान निकालना चाहती है। सरकार का कहना है कि बातचीत के सभी रास्ते खुले हैं और संगठन जब भी चाहे, उसके प्रतिनिधियों से चर्चा की जा सकती है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने भी कहा था कि सरकार सभी मुद्दों पर खुले मन से बातचीत करने के लिए तैयार है और संवाद के जरिए समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्रियों ने विपक्ष पर साधा निशाना
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि कुछ लोग युवाओं की भावनाओं को भड़काकर आंदोलन को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार NEET समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष चर्चा से बच रहा है। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा कि सरकार संसद के भीतर भी इस विषय पर चर्चा करने के पक्ष में है।
ये भी पढ़ें : DDA Housing Scheme: Delhi में 25% छूट पर मिलेंगे रेडी-टू-मूव फ्लैट, जानिए कौन कर सकता है आवेदन
पहले बातचीत के संकेत, फिर बदला रुख
इससे पहले जेपी नड्डा ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से करीब 45 मिनट तक मुलाकात की थी। इसके बाद CJP की ओर से भी बातचीत के संकेत दिए गए थे। संगठन के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा था कि CJP सरकार से बातचीत के लिए तैयार है, हालांकि इसके लिए कुछ शर्तें रखी गई थीं। सरकार ने भी स्पष्ट किया था कि संवाद के दरवाजे हमेशा खुले रहेंगे।
सूत्रों के दावे से बढ़ी सियासी हलचल
अब सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी में दावा किया जा रहा है कि CJP नेताओं ने फिलहाल जेपी नड्डा से बातचीत का प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया है। हालांकि संगठन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में आंदोलन और सरकार के बीच जारी गतिरोध कब खत्म होगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की अगली रणनीति इस पूरे घटनाक्रम की दिशा तय कर सकती है।