CJP Representatives Met with JP Nadda: शिक्षा व्यवस्था में सुधार और विभिन्न मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रतिनिधियों और केंद्रीय मंत्री जे. पी. नड्डा के बीच बैठक हुई। सीजेपी के प्रवक्ता के अनुसार, पार्टी की ओर से मांगों का एक लिखित ज्ञापन केंद्रीय मंत्री को सौंपा गया। प्रतिनिधियों का कहना है कि मंत्री ने मामले पर आंतरिक स्तर पर चर्चा करने का आश्वासन दिया है। बैठक के बाद आंदोलन से जुड़े घटनाक्रम में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला।
करीब 10 मिनट चली मुलाकात
सीजेपी के प्रवक्ता सौरभ दास ने बताया कि वह और आशुतोष रांका केंद्रीय मंत्री के आवास पर पहुंचे, जहां उनकी मुलाकात हुई। उनके अनुसार, बैठक के दौरान शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई और लिखित ज्ञापन सौंपा गया। उन्होंने कहा कि मंत्री ने संबंधित मुद्दों पर बातचीत का भरोसा दिया।
अभिजीत दीपके ने समाप्त किया अनशन
बैठक के बाद सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपना भूख हड़ताल समाप्त कर दिया। बताया गया कि यह निर्णय सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आग्रह पर लिया गया। वांगचुक ने संदेश भेजकर दीपके से आंदोलन जारी रखने के लिए अपनी ऊर्जा सुरक्षित रखने की अपील की थी। इसके बाद दीपके ने जूस पीकर अपना अनशन समाप्त किया।
#UPDATE: After waiting for more than 2 hours, @AshutoshRanka and I just met J.P. Nadda ji at his residence for 10 minutes.
— Saurav Das (@SauravDassss) July 20, 2026
While we submit a written letter with our demands, he has assured us that he will meanwhile speak internally. We are in that process. There is news of mass… https://t.co/GMGBNG71h3
अभिजीत दिपके ने जंतर-मंतर पर अपनी भूख हड़ताल खत्म की।
— Cockroach Janta Party (@CJP_for_India) July 20, 2026
जय हो। pic.twitter.com/DPIgG1wEg3
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सोनम वांगचुक का अनशन जारी
सोनम वांगचुक फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं और उनका अनशन जारी है। वह शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा संबंधी मुद्दों को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने बताया कि वांगचुक चाहते हैं कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़े और उससे जुड़े लोग सक्रिय रूप से अपनी भूमिका निभाते रहें।
शिक्षा सुधार की मांग पर जारी आंदोलन
आंदोलनकारी शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और परीक्षा से जुड़े मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। इसी क्रम में संसद मार्च का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया। अब आंदोलन से जुड़े लोग सरकार की ओर से आगे होने वाली बातचीत और संभावित निर्णयों पर नजर बनाए हुए हैं।