कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने आंदोलन से जुड़े छात्रों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर अदालत का रुख करने का फैसला किया है। पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि जिन पुलिस और RAF कर्मियों पर प्रदर्शनकारियों के साथ सख्ती बरतने के आरोप हैं, उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल से चर्चा की गई है, ताकि आगे की कानूनी रणनीति तय की जा सके। सौरव दास के अनुसार, पार्टी का उद्देश्य आंदोलन को न्यायिक प्रक्रिया के जरिए कमजोर होने से बचाना और प्रभावित लोगों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है।
कानूनी सहायता के लिए बनेगी वेबसाइट
सौरव दास ने कहा कि पार्टी जल्द ही एक विशेष वेबसाइट शुरू करेगी, जहां जिला स्तर पर वकीलों का नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से आंदोलन से जुड़े छात्रों और अन्य लोगों को कानूनी सलाह और सहायता मिल सकेगी। उनका कहना है कि पहले भी कई लोगों को निशाना बनाकर कानूनी मामलों में उलझाया गया है, इसलिए इस बार समय रहते सहायता की व्यवस्था करना जरूरी है। उन्होंने विश्वास जताया कि इससे युवाओं का मनोबल मजबूत होगा और उन्हें कानूनी लड़ाई लड़ने में सहयोग मिलेगा।
सरकार से समझौते की कॉपी देने की मांग
CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार के साथ हुई बातचीत में कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी थी। उनके अनुसार, यह आश्वासन दिया गया था कि पहले से दर्ज एफआईआर वापस लेने और नई एफआईआर दर्ज नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से मंगलवार तक लिखित समझौते की प्रति देने की बात कही गई थी। रांका ने आग्रह किया कि यह दस्तावेज जल्द उपलब्ध कराया जाए, ताकि सभी पक्षों के बीच स्पष्टता बनी रहे।
समझौता नहीं हुआ तो फिर होगा आंदोलन
आशुतोष रांका ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तय समय तक लिखित समझौता नहीं मिलता और विभिन्न राज्यों में हिरासत में लिए गए छात्रों को रिहा नहीं किया जाता, तो पार्टी दोबारा आंदोलन शुरू करने पर विचार करेगी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार के वरिष्ठ मंत्री की मौजूदगी में कोई सहमति बनी है, तो उसका पालन भी होना चाहिए। उनका कहना था कि आंदोलन से जुड़े लोगों की रिहाई और समझौते के पालन को लेकर पार्टी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
कपिल सिब्बल ने ₹1 करोड़ देने की घोषणा की
वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए और कानून के दायरे में रहकर उन्हें हरसंभव मदद दी जाएगी। उन्होंने बताया कि CJP द्वारा बनाई जाने वाली कानूनी सहायता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए वह ₹1 करोड़ का योगदान देंगे। सिब्बल ने अन्य वकीलों से भी इस पहल में सहयोग करने और आर्थिक सहायता देने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह राशि केवल कानूनी सहायता और संबंधित कार्यों के लिए ही उपयोग की जाएगी।