कानपुर में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. हरिदत्त नेमी के बीच चल रहा विवाद अब सियासी रंग ले चुका है. एक वायरल ऑडियो में सीएमओ ने कथित तौर पर डीएम के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की, जिससे मामला और गंभीर हो गया है.
सीएमओ पर भ्रष्टाचार के आरोप
बिठूर से भाजपा विधायक अभिजीत सिंह सांगा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर सीएमओ पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया कि सीएमओ के संरक्षण में सैकड़ों प्राइवेट अस्पताल अवैध रूप से चल रहे हैं, जो मरीजों से मनमानी वसूली कर रहे हैं. सांगा ने सीएमओ को "निरंकुश अधिकारी" करार देते हुए कहा कि सरकारी अस्पतालों की बदहाली के लिए भी वे जिम्मेदार हैं. विधायक ने मांग की है कि सीएमओ की जांच हो और दोषी पाए जाने पर उनका तबादला किया जाए.
अन्य भाजपा विधायकों की प्रतिक्रिया
किदवई नगर से विधायक महेश त्रिवेदी ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सीएमओ की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं. इससे न केवल भाजपा में हलचल मची है, बल्कि शासन के गलियारों में भी खलबली मच गई है.
सीएमओ के बचाव में कौन - कौन?
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, विधायक अरुण पाठक और सुरेंद्र मैथानी ने सीएमओ का बचाव किया है. तीनों ने डिप्टी सीएम बृजेश पाठक को पत्र लिखकर हरिदत्त नेमी को कानपुर में ही बनाए रखने की पैरवी की है. महाना ने बताया कि सीएमओ ने 11 जून को उनसे मुलाकात की थी और तबादले की बात कही थी. अरुण पाठक ने मीडिया को बताया कि "सीएमओ ने जनता के हित में काम किया है. अगर डीएम को कोई कमी नजर आई, तो शासन फैसला लेगा."