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Cloud burst in Jammu-Kashmir: जम्मू-कश्मीर और हिमाचल में बादल फटा, भारी तबाही, कई मौतें और लोग लापता रविवार सुबह जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में बादल फटने से भारी तबाही हुई। जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में तीन जगहों पर बादल फटने से सात लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। जोद घाटी इलाके में सबसे ज्यादा नुकसान दर्ज किया गया, जहां गांव का शहर से संपर्क टूट गया और घरों में पानी व मलबा भर गया। इसके अलावा मथरे चक, बगार्ड-चंगड़ा और दिलवान-हुटली में भी भूस्खलन हुआ। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और रेस्क्यू टीम लगातार राहत कार्यों में जुटी हुई है।
हिमाचल में सड़कों और घरों को नुकसान
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू और मंडी जिलों में भी बादल फटने से हालात बिगड़ गए। कुल्लू के टकोली, पनारसा और नगवाई में फ्लैश फ्लड के बाद सड़कों पर मलबा फैल गया और कई घरों को नुकसान हुआ। चंडीगढ़-मनाली फोरलेन जगह-जगह बंद हो गई है। शालानाल खड्ड में आई बाढ़ से कंपनी के ऑफिस और कॉलोनी की दीवारें टूट गईं, जबकि स्थानीय लोगों के घरों में भी मलबा घुस गया। 10 से ज्यादा गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुईं। मौसम विभाग ने राज्य में कई जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इस मानसून सीजन में हिमाचल में अब तक 261 लोगों की जान जा चुकी है।
किश्तवाड़ में सबसे बड़ी त्रासदी
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में 14 अगस्त को बादल फटने की घटना अब तक सबसे भयावह साबित हुई है। चसोटी गांव में हुई इस आपदा में 65 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 200 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। 500 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है और 180 घायल अस्पतालों में भर्ती हैं। रेस्क्यू कार्य में सेना, NDRF, SDRF और अन्य एजेंसियां जुटी हैं। मौके पर पहुंचे मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पीड़ितों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया, हालांकि स्थानीय लोगों ने राहत कार्य की धीमी गति पर नाराजगी जताई। श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच आई इस आपदा ने पूरे क्षेत्र को शोक और दहशत में डाल दिया है।