दिल्ली में क्लाउड सीडिंग का प्रयास सफल नहीं हो पाया है। IIT कानपुर के निदेशक के मुताबिक, दिल्ली में मंगलवार को विमान के जरिए क्लाउड सीडिंग कराई गई थी। मगर कई घंटे बीत जाने के बाद भी किसी भी इलाके में बरसात नहीं हो पाई। दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने जानकारी दी कि दूसरा ट्रायल भी किया जाएगा। दिल्ली में प्रदूषण को कम करने के प्रयास हो रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि क्लाउड सीडिंग एक अल्पकालिक उपाय है। इससे प्रदूषण की मूल समस्या का समाधान नहीं हो पाएगा।
उपयुक्त बादलों की जरूरत होती है
क्लाउड सीडिंग के लिए उपयुक्त बादलों की जरूरत होती है। दिल्ली में बादलों में नमी की कमी के कारण यह प्रयास सफल नहीं हो पाया है। विशेषज्ञों का कहना है कि क्लाउड सीडिंग से वर्षा की क्षमता थोड़ी बढ़ सकती है, लेकिन यह अचानक बारिश नहीं ला सकती है। इसके साथ क्लाउड सीडिंग के लिए सही प्रकार के बादल और सही समय का पता लगाना आवश्यक है।
ये भी पढ़ें: 8th Pay Commission: केंद्र ने दी 8वें वेतन आयोग को मंजूरी, 2027 से मिल सकती है बढ़ी सैलरी और एरियर का फायदा
दिल्ली में कृत्रिम बारिश कराने को लेकर मंगलवार को सेना विमान ने कानपुर से उड़ान भरी। दिल्ली के कई क्षेत्रों में क्लाउंड सीडिंग का ट्रायल किया गया। क्लाउंड सीडिंग की शुरुआत आईआईटी कानपुर से हुई। वहीं दूसरा इलाका मेरठ एयरफिल्ड का था. तीसरे खेकरा, चौथा बुराड़ीस, पांचवां नॉर्थ करोल बाग, पांचवां मयूर विहार, छठा सडकपुर, सातवां भोजपुर का इलाका था. इन क्षेत्रों में क्लाउड सीडिंग के बाद भी बरसात नहीं हुई.
विपक्ष ने सरकार पर बोला हमला
दिल्ली में क्लाउड सीडिंग के ट्रायल के बाद बरसात नहीं हो पाई। इसके लेकर सियासत गरमा गई है. आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज का कहना है कि दिल्ली में प्रदूषण कम करने को लेकर कृत्रिम वर्षा कराने के नाम पर फर्जीवाड़ा किया गया है। वहीं IMD की रिपोर्ट की मानें तो दिल्ली में कहीं भी बारिश नहीं हुई.